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अफसरों पर नकेल नहीं कस पाई प्रदेश सरकार
ब्यूरो / अमर उजाला, पौड़ी
Updated Sun, 16 Nov 2014 03:21 PM IST
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देहरादून में नियमित रूप से बैठकें होने और पूरे मंडल का काम देखने के बहाने मंडलीय अधिकारी पौड़ी के बजाय देहरादून कैंप कार्यालयों में बैठना ज्यादा पसंद करते हैं।
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कई मंडलीय अधिकारियों के कार्यालय दून में
कैंप ऑफिसों का प्रावधान नहीं होने के बावजूद ये अधिकारी देहरादून में ही जमे हैं। सरकार भी ऐसे अफसरों के खिलाफ कोई नकेल नहीं कस पा रही है। कमिशभनरी मुख्यालय होने बावजूद मुख्य अभियंता सिंचाई, मुख्य अभियंता लघु सिंचाई, उपायुक्त खाद्य समेत कई मंडलीय अधिकारियों के कार्यालय देहरादून में चल रहे हैं।
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आयुक्त गढ़वाल मंडल, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल के अलावा वन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, आरईएस, जल निगम, अर्थ संख्या के मंडलीय दफ्तर पौड़ी में हैं। लोनिवि के पौड़ी, टिहरी, चमोली और रूद्रप्रयाग जिले के मुख्य अभियंता, जल संस्थान के महाप्रबंधक गढ़वाल परिश्रेत्र का कार्यालय भी पौड़ी में स्थापित है।
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इन मंडलीय कार्यालयों में से आयुक्त गढ़वाल मंडल, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल मंडल के कैंप कार्यालय वर्षों से देहरादून स्थापित हैं। शासन की ओर से देहरादून में स्थापित कैंप कार्यालयों को बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बावजूद इसके इन निर्देशों का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
22 अक्तूबर से पौड़ी नहीं आए आयुक्त
मंडल आयुक्त का मुख्य कार्यालय पौड़ी में है, लेकिन वह 22 अक्तूबर के बाद से यहां नहीं आए। आयुक्त सीएस नपलच्याल अक्तूबर माह में एक, दो, 21 और 22 अक्तूबर समेत चार दिन यहां बैठे। डीआईजी संजय गुंज्याल ने दो अक्तूबर को गढ़वाल रेंज के डीजीआईजी का कार्यभार ग्रहण किया था।
वह एक नवंबर को पौड़ी आए। दो दिन रुकने के बाद चले गए। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल गंभीर सिंह भी अक्तूबर माह में एक बार ही दो दिन के लिए यहां रुके। अन्य मंडलीय कार्यायलों के मुखियाओं की स्थिति भी इससे अलग नहीं है।
समय-समय पर विभिन्न जिलों में निरीक्षण के लिए जाना पड़ता है। देहरादून में समय-समय पर बैठकें होती रहती है। बैठकों के लिए देहरादून में मौजूद रहना पड़ता है। ऐसे में नियमित रूप से पौड़ी नहीं बैठना संभव नहीं हो पाता है।
- सीएस नपलच्याल, आयुक्त गढ़वाल मंडल पौड़ी