सचिवों की गैरमौजूदगी से भड़के उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, बैठक छोड़ी
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मिजाज से नरम माने जाने वाले शहरी विकास मंत्री व शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक को आज गुस्सा आ गया। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के कार्यों और हाल ही में वहां हुए नुकसान को लेकर सचिवालय में समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कई विभागों के सचिव नहीं पहुंचे। सचिवों की गैरमौजूदगी पर कौशिक भड़क गए। उन्होंने बैठक में अपनी नाराजगी को खुलकर जाहिर किया। हालांकि वह मीडिया के सामने वह अपनी नाराजगी छुपा गए। लेकिन, बैठक के दौरान कैमरे में कैद तस्वीरों ने सारा किस्सा जाहिर कर दिया।
सचिवालय में यह बैठक दोपहर 12.30 बजे बुलाई गई थी। कौशिक बैठक में समय पर पहुंच गए थे। इस दौरान सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली ने बैठक शुरू करने की अनुमति मांगी। कौशिक ने कहा कि कई विभागों के सचिव नहीं आए हैं। उन्हें बताया गया कि मुख्य सचिव की बैठक में हैं। इस पर कौशिक का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि जब पहले बैठक का एजेंडा जारी कर दिया गया था तब सचिव दूसरी बैठक में कैसे चले गए। बैठक के दौरान उन्होंने कहा, यह स्थिति ठीक नहीं है। अधिकारी क्यों नहीं आते जब हमने बैठक बुलाई है। क्या मतलब है अधिकारी का बैठक में न आने का। अगर अधिकारी को बैठक में आने का शौक नहीं है तो मैं बैठक क्यों बुलाऊं। अधिकारियों को इतनी भी चिंता नहीं कि काम करें। कहां है सचिव ऊर्जा, कहां है सचिव पेयजल, कहां हैं सचिव सिंचाई? ये सारे सचिव बुलाए थे।
देखा नहीं क्या बुरा हाल हो रखा है वहां। कौन समीक्षा करेगा, जब अपने विभाग की समीक्षा नहीं करते हैं ये। बैठक बुलाने का औचित्य क्या है? क्यों मैंने एक हफ्ते पहले एजेंडा जारी किया। आप मुझसे समय लेकर दोबारा बैठक फिक्स करें। इसके बाद कौशिक बैठक छोड़कर बाहर आ गए। सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली और सचिव लोनिवि आरके सुधांशु भी उनके पीछे-पीछे बाहर तक आ गए। यहां भी कौशिक की नाराजगी जारी थी। वह कह रहे थे जब सचिव बैठक में नहीं आ सकते तो सचिव करेंगे क्या।
उन्होंने कहा मुख्य सचिव बैठक बुलाएं मुख्यमंत्री बैठक बुलाएं, मैं क्यों बुलाऊं बैठक। इसके बाद कौशिक मीडियाकर्मियों से मुखातिब हुए। लेकिन उन्होंने सचिवों की गैरमौजूदगी को लेकर अपने गुस्से को जाहिर नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि सचिवों को समय पर सूचना नहीं मिल पाई थी।
मुख्य सचिव से फोन पर जाहिर की नाराजगी
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने मुख्य सचिव से फोन पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कौशिक ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि जिस समय मंत्री की बैठक तय हो तो उस समय सचिवों की बैठक न बुलाई जाए।
बैठक में इन कार्यों की होनी थी समीक्षा
बैठक में हरिद्वार कुंभ मेले के लिए भूमिगत बिजली, गैसपाइप लाइन, सीवरेज, पेयजल व सड़क की समीक्षा होनी थी। इस बैठक में लोनिवि, ऊर्जा, पर्यटन, सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण निर्माण विभाग के सचिवों को बुलाया गया था। लेकिन शहरी विकास और लोनिवि के सचिव ही बैठक में आए।
यह बैठक केवल कुंभ के कार्यों को लेकर नहीं थी। इसमें भूमिगत कार्यों की समीक्षा होनी थी। इस लिहाज से बैठक महत्वपूर्ण थी। बैठक में सचिव नहीं आ पाए, इसलिए स्थगित कर दिया गया। समय पर सूचना न मिलने नहीं सचिव नहीं पहुंच पाए। बैठक दो दिन बाद फिर बुलाने को कहा गया है। मैंने मुख्य सचिव से कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि बैठक एक समय पर न हो।
-मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड शासन
मंत्रियों की बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लें सचिव : सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और अपर सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे मंत्रियों की बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेना सुनिश्चित करेंगे।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की बैठक में अफसरों की गैरमौजूदगी के मामले का मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। उनके निर्देश के बाद मुख्य सचिव ने ये निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि वे किन्हीं कारण से बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हैं तो इसकी पूर्व सूचना मंत्री के निजी सचिव को अवश्य दी जाए। समस्त जानकारी सहित बैठकों में प्रतिभाग किया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोताही न की जाए।