केदारनाथ में कैबिनेट, कोश्यारी का सीएम से सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को केदारनाथ में कैबिनेट बैठक के जरिए केदारनाथ विकास को दिशा देने की कोशिश भी होगी। केदारनाथ से संबंधित कई फैसले पहले ही दून में कुछ समय पहले हुई कैबिनेट में किए जा चुके हैं।
सोमवार को हो रही कैबिनेट का फोकस भी केदारनाथ पुनिर्निर्माण पर ही रहेगा। इसके लिए बाकायदा अन्य मंत्रालयों के मामलों को फिलहाल किनारे रखा गया है।
केदारनाथ पर पिछले कुछ समय में सरकार ने कई फैसले किए। इनमें से केदारनाथ में पुनर्निर्माण से लेकर हक-हकूकधारियों को केदारनाथ में जमीन के पट्टे देने, लिनचोली और अन्य स्थानों को विकसित करने, केदारनाथ के लिए रोपवे, ट्राम आदि सुविधाएं विकसित करना शामिल है। इसमें सबसे अधिक मुसीबत केदारनाथ धाम में निर्माण कार्य को लेकर ही है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत केदारनाथ के विकास को प्रदेश के पर्यटन से जोड़ कर देखने की बात भी कर रहे हैं। ऐसे में सोमवार को केदारनाथ में प्रस्तावित बैठक में फैसले कम और जमीनी हकीकत से मंत्रियों को परिचित कराना भी है।
साबित क्या करना चाहते हैं सीएमः कोश्यारी
पूर्व मुख्यमंत्री व नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सरकार को केदारनाथ में कैबिनेट की बैठक का उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए। पूरी कैबिनेट को मुख्यमंत्री केदारनाथ ले जाकर क्या साबित करना चाहते हैं।
राज्य हित में इस बैठक का कोई एक कारण तो सामने रखना चाहिए। एक ओर तो लाखों खर्च कर सैर-सपाटा होगा तो दूसरी ओर जरूरतमंदों को इमदाद के लाले पड़े हैं। विकास ठप है। ऐसी बैठकों पर लाखों रुपये इधर उधर किए जा रहे हैं।
इस सरकार के पास विजन नहीं है। जनता को भ्रमित करने के लिए यह सब नाटक किया जा रहा है। इस दिखावे के बजाय सरकार को उन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फोकस करना चाहिए जहां लोगों को मदद की जरूरत है।
केदारनाथ में कैबिनेट करने के बजाय सरकार के पास केदारधाम के विकास का ब्लू प्रिंट होना चाहिए। भगतदा ने राज्य सरकार से कहा कि महाराष्ट्र व हरियाणा में कांग्रेस के सफाये से सबक लेना चाहिए।
सीएम ने फोन कर सभी दलों को दिया आमंत्रण
केदारनाथ की जमीनी स्थिति से परिचित होने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को केदारनाथ चलने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने बाकायदा फोन पर नेताओं से बात की और केदारनाथ चलने को कहा।
दून में हो सकती है कैबिनेट
केदारनाथ के बाद संभव है देहरादून में भी कैबिनेट हो। यही नहीं केदारनाथ के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा यहीं हो। हालांकि कोशिश यही है कि केदारनाथ में कैबिनेट बैठक में पूरी चर्चा हो जाए लेकिन केदारनाथ में मौसम पल-पल बदलता है और ऐसे में यह तय करना मुश्किल है कि केदारनाथ में कितना समय बिताया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी केदारनाथ में कैबिनेट प्रस्तावित की गई थी पर मंत्रियों के रुख विपक्ष के हो हल्ले के बीच यह कैबिनेट नहीं हो पाई थी। इसकी भरपाई दून में कैबिनेट करके कर ली गई थी।
सीएम बोले
हम चाहते हैं कि केदारनाथ के पुनर्निर्माण पर सिर्फ हम ही न सोचें बल्कि सभी मिलकर इस पर बात करें। अगर हमसे कहीं कुछ छूट रहा है और इसका हमें ध्यान दिलाया गया तो पूरी कोशिश होगी कि इस कमी को दूर किया जाए।
-मुख्यमंत्री हरीश रावत