सवारियों से भरी बस खाई में गिरी, पांच की मौत, 35 घायल
- - अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी के चलते ग्रामीणों ने काटा हंगामा
- - गंभीर रूप से सात घायलों को दो हेलीकाफ्टरों से देहरादून ले जाया गया
- - दुर्घटनाग्रस्त बस की बॉडी के नीचे फंसे है दो शव
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पौड़ी जिले के धुमाकोट तहसील मुख्यालय के पास शनिवार दोपहर यात्रियों से भरी बस खाई में जा गिरी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 लोग घायल हुए हैं।
घायलों को नैनीडांडा सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से दस लोगों को रामनगर के लिए रेफर किया गया है। सात गंभीर घायलों को राज्य सरकार के हेलीकाप्टरों से देहरादून ले जाया गया है। बस में पचास यात्री सवार थे।
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीखपुकार मच गई। खबर लगते ही स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और राहत बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों में एक ही परिवार के दो लोग मां-बेटे की शिनाख्त हो गई है। एक व्यक्ति की मौत रामनगर ले जाते वक्त रास्ते में हुई है, जबकि दो शव दुर्घटनाग्रस्त बस की बॉडी के नीचे फंसे थे।
बस के नीचे और शवों के होने की आशंका
बस के नीचे कुछ और लोगों के दबने की आशंका जताई जा रही है। बस की बॉडी काटने के लिए पुलिस-प्रशासन ने रामनगर से कटर मंगवाया। नैनीडांडा अस्पताल में डॉक्टर और संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा।
ग्रामीणों ने बताया कि गढ़वाल मोटर यूजर्स कंपनी की बस दिन में करीब साढ़े बारह बजे रामनगर से धुमाकोट पहुंची। यहां बस के चालक, परिचालक समेत कई यात्रियों ने दिन का भोजन किया और बस रिखणीखाल के लिए बढ़ गई।
धुमाकोट से बस डेढ़ सौ मीटर आगे बढ़ी थी कि अचानक अनियंत्रित होकर डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पटोटिया गांव निवासी गोदांबरी देवी (40) पत्नी काशीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके बेटे सुमंत कुमार (21) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
आपदा प्रबंधन की खुल गई पोल
गंभीर घायलों में से एक सावित्री देवी (52) पत्नी मनवर सिंह निवासी अदवाड़ा तहसील धुमाकोट की रामनगर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। दो लोगों के शव बस के नीचे फंसे हुए हैं, उनकी शिनाख्त नहीं की जा सकी है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक दलीप रावत, अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, एसडीएम थलीसैंण एमडी जोशी और धुमाकोट पुलिस मौके पर पहुंची। विधायक ने आपदा प्रबंधन के नाम पर खानापूर्ति किए जाने पर रोष जताया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में पचास से ज्यादा लोग सवार थे। हादसे के बाद पहाड़ी पर छिटके लोग जो मामूली रुप से चोटिल थे, अपने घरों को निकल गए। बस में सवार ज्यादातर लोग धुमाकोट, नैनीडांडा और रिखणीखाल के निवासी थे।