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IIT रुड़की की मदद से भारत में दौड़ेगी ‘बुलेट ट्रेन’

Tue, 07 Jul 2015 08:12 AM IST
अंकित कुमार गर्ग/ अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग/ अमर उजाला, रुड़की Updated Tue, 07 Jul 2015 08:12 AM IST
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bullet train in india with help of IIT roorkee.

रेल मंत्रालय के सहयोग से जल्द ही देश में हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन सहित विभिन्न रेल परियोजनाओं पर शोध के लिए आईआईटी रुड़की में रेलवे रिसर्च सेंटर की स्थापना होगी।

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इस सेंटर में रेलवे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम कर रहे संस्थान के वैज्ञानिकों को शामिल किया जाएगा। संस्थान में इससे पहले इस दिशा में कई शोध परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसके चलते रेल परियोजनाओं पर साझा शोध के लिए वर्ष 2014 में यूके की साउथम्टन यूनिवर्सिटी के साथ भी संस्थान का एमओयू साइन हुआ है।
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देश में हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन नरेंद्र मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। केंद्र के मेड इन इंडिया कार्यक्रम के तहत इस परियोजना के लिए देश में ही आधारभूत ढांचा विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है।
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जिसके तहत आईआईटी रुड़की में रेल मंत्रालय की ओर से रेलवे रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए केंद्र और रेलवे मंत्रालय की ओर की जा रही प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में हैं।

रेलवे पुलों और सुरंगों का संरचनात्मक अध्ययन

bullet train in india with help of IIT roorkee.

संस्थान निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी ने बताया कि एमओयू साइन होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि वर्तमान में संस्थान में इस दिशा में विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसके तहत भविष्य में बढ़ती जरूरतों के अनुरूप रेलवे पुलों और सुरंगों का संरचनात्मक अध्ययन किया जा रहा है।

ताकि इनके मौजूदा परिचालन एवं उपयोग को सुरक्षित रखा जा सके। ऐतिहासिक ढांचे में गिरावट का आकलन के तहत किए जा रहे शोध में ऐतिहासिक पुल आदि के ढांचे का आकलन किया जा रहा है। साथ ही इन्हें स्थायी रखे जाने की दिशा में काम हो रहा है। प्रो. बनर्जी के मुताबिक वर्तमान में संचालित परियोजनाओं से भविष्य में हाईस्पीड ट्रेनों के संचालन में भी मदद मिलेगी।

इन बिंदुओं पर भी हो रहा काम
- रेलवे पुलों के भार के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना और नुकसान भी एक प्रतिशत तक ही रहना।
- माल ढुलाई के उपयोग में लाई जाने वाली वैगन की सुरक्षा।
- पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार करना।

इन विभागों के वैज्ञानिक होंगे शामिल
निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी ने बताया रेल परियोजनाओं पर किसी न किसी रूप में काम कर रहे संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक शामिल होंगे।

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