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घर के कमरे में भाई-बहन ने चार साल तक खुद को रखा कैद, वजह जानकर चौंक जाएंगे

Thu, 31 Aug 2017 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 31 Aug 2017 09:07 AM IST
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brother and sister Imprisoned in rooms after parents scolding

हरिद्वार में भाई और बहन ने खुद को चार साल तो भाई ने खुद को प‌िछले डेढ़ साल तक कैद रखा। मां बाप के मनाने पर भी वे नहीं माने। इसके वजह जानकार आप चौंक जाएंगे। 

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भाई बहन अलग अलग कमरे में बद हो गए। बहन चार साल से अपने ही घर में एक कमरे में बंद रही, तो भाई डेढ़ साल से छोटे से कमरे में बिस्तर लगाकर सो रह रहा था। चार साल तक छात्रा ने कमरे से बाहर निकली।
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यहां तक की माता पिता ने अभी अपने बेटी को नहीं देखा। मंगलवार को एसपी सिटी ममता वोहरा को मिली शिकायत के बाद दोनों को किसी तरह कमरे से बाहर निकाला गया। पुलिस ने अब घर के दोनों कमरों में ताला लगा दिया है।  
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पुराना रानीपुर मोड़ स्थित पंचवटी कॉलोनी में हरीश शर्मा का परिवार रहता है। हरीश रॉयल इंफील्ड कंपनी में इंजीनियर के पद पर तैनात है। इंजीनियर के घर में  पत्नी रमा शर्मा, बेटी अदिति और बेटा आदित्य रहते हैं।

बताया जा रहा रहा है कि वर्ष 2013 में बेटी अदिति हरिहरानंद स्कूल की कक्षा दस की पढ़ाई कर रही थी। पेपर के दौरान अदिति की कंपाटरमेंट आ गई। परिजनों ने पढ़ाई के लिए दबाव बनाया तो  अदिति खफा हो गई। चार वर्ष पूर्व 2013 में अदिति ने अपने आप को घर के ही ऊपरी कमरे में बंद कर लिया।

पुलिस के देख परिजनों के हाथ पांव फूल गए

brother and sister Imprisoned in rooms after parents scolding

परिजनों ने मनाने का काफी प्रयास किया लेकिन अदिति नहीं मानी। कुछ समय बाद स्कूल से भी नाम कट गया। परिजन रोज बेटी को बाहर निकलने के लिए जोर देते, लेकिन बेटी टस से मस नहीं हुई। खाने की बात हो तो बेटी अपनी मनपंसद का खाना मंगवाती।

इस बीच परिजनों ने पढ़ाई को लेकर बेटे आदित्य को भी डांटा तो आदित्य ने भी अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। कमरे में बंद होने के बाद भी दोनों भाई बहनों की सभी ख्वाहिश पूरी हो रही थी। जब जिसका मन होता तब वह खाना मंगवाते। 

घटना का खुलासा मंगलवार को हुआ। जब आसपास रहने वालों को शक हुआ कि आखिर इतने सालों से बच्चे कहा चले गए। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही एसपी सिटी के कान खड़े हो गए।

उन्होंने तत्काल मामले को महिला हेल्प डेस्क को सौंप दिया। सूचना मिलते ही महिला हेल्प डेस्क प्रभारी कविता रानी, सीता पांडे पूरी टीम के साथ इंजीनियर के घर पहुंच गई। पुलिस के देख परिजनों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने पुलिस को अपने घर आने की वजह पूछी।

पढ़ाई न करने से थे नाराज

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​पुलिस ने पूछताछ के लिए आने की बात कही तो उन्होंने पुलिस को घर में प्रवेश कराने से भी इनकार कर दिया। पुलिस घर में जबरन प्रवेश कर घर खंगालना शुरू कर दिया। ऊपर के कमरे में अंदर से कुंडी लगी मिली तो पुलिस ने आवाज लगाई तो अंदर से एक छात्रा ने आवाज लगाई। पूरा मामला पुलिस के सामने आ चुका था।

परिजनों ने पूरी कहानी महिला हेल्प डेक्स प्रभारी के सामने रख दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई न करने से नाराज होकर बेटी और बेटे ने इस कदर अपने आप को कमरे में बंद किया हुआ है।

पुलिस ने मामले को समझते हुए किसी तरह दोनों भाई बहन को चार घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकलवाया। बाहर निकलने के बाद दोनों भाई बहनें चिड़चिड़ा व्यवहार कर रहे थे। पुलिस ने भाई बहनों से वजह पूछी तो उन्होंने दो टूक शब्दों में पढ़ाई न करने के कारण इस कदर अपने आप को कमरे में बंद करने की वजह पुलिस को बताई।

पुलिस ने पिता हरीश से पुत्र पुत्री के साथ अच्छा व्यवहार रखने की बात लिखवाकर ली है। दोनों भाई बहनों ने भी अब पुलिस को स्कूल जाकर पढ़ाई करने का आश्वासन दिया है। महिला हेल्प डेस्क प्रभारी कविता रानी ने बताया कि दोनों भाई बहनों को बाहर निकल लिया गया है। अदिति अब स्कूल पढ़ने की बात बोल रही है। जिन कमरों में दोनों भाई बहन बंद थे, उन कमरों में ताला लगा दिया गया है। 

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