...तो कट जाएगा ऋषिकेश से हरिद्वार का संपर्क, हाईवे पर खतरे की जद में आया पुल
- श्यामपुर रेलवे फाटक के पास हाईवे पर बना पुल खतरे की जद में
- बंगाले नाले में पानी के बहाव के चलते खोखला हो रहा पुल का पिल्लर
- नाले में बहाव तेज होने पर सुरक्षा तटबंध में भी कटाव, कभी भी गिर सकता है
विस्तार
ऋषिकेश से हरिद्वार का सड़क मार्ग का संपर्क कभी भी कट सकता है। श्यामपुर रेलवे फाटक के समीप राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 58 मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक के पास बना पुल बंगाले नाले के कटाव के चलते खतरे में आ गया है। पुल का एक पिल्लर पानी के कटाव के चलते धीरे-धीरे खोखला हो रहा है।
इस बारिश में नाले में पानी को वेग बढ़ा तो पुल को खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं बंगाले नाले में पानी के बहाव का रूख एक तरफ होने के चलते सुरक्षा तटंबध में नीचे की तरफ से खोखला हो गया है। जिस कारण सुरक्षा तटबंध भी कभी भी गिर सकता है।
बंगाले नाले के कटाव से श्यामपुर रेलवे फाटक के समीप पुल ही नहीं आसपास के घरों में रहने वाले लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल वर्षों पुराना है, जो हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ता है।
अगर बाढ़ से पुल की सुरक्षा को खतरा होता है तो हरिद्वार ऋषिकेश के लिए सीधी आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भारी बारिश के कारण पुल के आसपास वर्षों से निवास कर रहे ग्रामीणों द्वारा लगातार सुरक्षा की मांग की जाती रही है।
कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है
पास में ही रहने वाले पनचक्की स्वामी ज्ञान चंद्र और जगदीश चंद्र ने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा वर्षों पूर्व संचालित पनचक्की घराट जो कि एकमात्र आजीविका का साधन है, बाढ़ प्रभावित होने के कारण बंद हो गया है। जिससे उनकी आर्थिकी प्रभावित हो गई है। लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बंगाले गदेरे की बाढ़ से कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। आसपास के निवासी शोभन कुमार ,ज्ञान चन्द्र, जगदीश चंद्र, राजेश चन्द्र, बेताल सिंह, राय सिंह, नत्थी सिंह, देव सिंह ने सरकार और संबंधित विभाग से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
ताकि बड़ी हानि होने से पहले खतरे को कम किया जा सके। इधर, जिला गंगा सुरक्षा समिति सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान का कहना है कि वे इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई सुध लेने नहीं आया है।
आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही मौका मुआयना कर देखा जाएगा कि पानी से हो रहे कटाव के कारण पुल को कितनी क्षति पहुंची है। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
- प्रवीण सक्सेना, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला