नोट बंदी की वजह से रुकी विदाई तो बैंक पहुंची दुल्हन की मां
नोट बंदी के बाद चेक से पेमेंट लेने के आदेश के बावजूद कुछ दुकानदार इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।
दुकानदार द्वारा चेक लेने से मना करने पर दुल्हन की मां को शादी की रस्में बीच में छोड़कर बैंक जाना पड़ा।
बैंक प्रबंधक ने महिला की मजबूरी समझते हुए उसे कैश लिमिट के तहत 24 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। इसके बाद महिला ने फर्नीचर खरीदकर बेटी की विदाई कराई।
महिला का खाता कोआपरेटिव बैंक में है
नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक प्रबंधक डॉ. योगेश चंद्र लोहनी ने बताया सोमवार को उनके पास एक महिला रोते हुए आई। उसने बताया उसका खाता कोआपरेटिव बैंक में है।
वह भवाली निवासी है और हल्द्वानी में रहती है। घर पर बेटी की बारात आई है। फर्नीचर आदि की व्यवस्था के लिए उसके पास नकद पैसे नहीं है। उसने चेक काटकर रिश्तेदारों को एक फर्नीचर की दुकान पर भेजा।
फर्नीचर व्यापारी ने चेक लेने से मना कर दिया। शाखा प्रबंधक ने सरकारी सर्कुलर के हिसाब से उसे 24 हजार रुपए का भुगतान कर दिया।