पढ़िए, कैसे दून की वादियों में सफेद हो रहा काला धन
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दून की खूबसूरत वादियों में खड़ी हो रहीं कई शानदार इमारतों की बुनियाद में कालेधन की भी परतें जमी हैं। मनी लॉंड्रिंग का पैसा रियल इस्टेट कारोबार में सफेद किया जा रहा है।
इस शुबहा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 बिल्डरों के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी है। सिडकुल का मामला भी प्रवर्तन निदेशालय ने अपने हाथ में ले लिया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने एसएसपी कार्यालय को पत्र भेजकर पूछा है कि इन बिल्डरों के खिलाफ कभी कोई एफआईआर दर्ज हुई हो तो उसका ब्योरा उपलब्ध कराएं, जिससे छानबीन की रास्ता आसान हो। जिन 10 बिल्डरों के खिलाफ निदेशालय जांच कर रहा है उनके खिलाफ एक करोड़ से लेकर 100 करोड़ तक की मनी लॉंड्रिंग का मामला बन रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय ने लिया मामला हाथों में
विभागीय सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने सिडकुल में भूमि घोटाला संबंधी मामला अपने हाथों में ले लिया है। इसमें मुख्य आरोपी सिडकुल के महाप्रबंधक वित्त रक्षित जैन हैं। जांच का आधार तैयार करने के लिए निदेशालय ने एफआईआर का अध्ययन कर लिया है।
निदेशालय ने मसूरी डायवर्जन, तरला आमवाला, हरिद्वार रोड समेत उन हाउसिंग प्रोजेक्ट के संबंध में छानबीन शुरू की है, जहां बिल्डरों का ग्रुप काम कर रहा है। यह भी छानबीन की जा रही है कि इन बिल्डरों के और क्या-क्या काम हैं। किन प्रांतों में कारोबार फैला हुआ है और रियल इस्टेट में लगा पैसा कारोबारियों ने कहां से कमाया था।
चालंग मामले में एफआईआर का इंतजार
चालंग गांव में चल रही आवासीय परियोजनाओं पर भी प्रवर्तन निदेशालय की निगाह है। निदेशालय एसडीएम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है। जैसे ही मामले में एफआईआर दर्ज होगी, मामले को अपने हाथों में लेकर छानबीन शुरू कर देगा। मामले में होमवर्क शुरू कर दिया गया है।
कहां से आए करोड़ों रुपये?
दून में रियल इस्टेट कारोबार डेढ़ हजार करोड़ से अधिक का आंका जा रहा है। 10 साल के अंदर कारोबार में अचानक उछाल आई है। प्रवर्तन निदेशालय की निगाह इसके आकलन पर लगी है।
यह भी पता किया जा रहा है कि अचानक इतना पैसा रियल इस्टेट में कहां से आ गया गया? अंदेशा है कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, यूपी और दिल्ली के अंडर वर्ल्ड माफिया कालेधन को सफेद करने के लिए यहां पैसा निवेश कर रहे हैं।
इसे कहते हैं मनी लॉंड्रिंग
कोई व्यक्ति गैर कानूनी तरीके से पैसा कमाता है और इसे दूसरे कारोबार में व्हाइट करने के चक्कर में लगाता है। इसके बाद यह दावा करता है कि उसका पैसा सही ढंग से कमाया गया है तो इसे मनी लॉड्रिंग कहते हैं।