भाजपा और कांग्रेस में शुरू हुई 'सड़क' पर सियासत
कैंट और मसूरी विधानसभा क्षेत्र में दो जगह सड़क के लोकार्पण पर भाजपा और कांग्रेस नेता आमने सामने।
एक ही सड़क का दोनों पार्टियों के नेता कर रहे लोकार्पण।
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विस्तार
विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भाजपा और कांग्रेस में निर्माण कार्यों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कुछ दिन पहले धर्मपुर विधानसभा के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर स्थानीय विधायक कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल और क्षेत्रीय पार्षद सतीश कश्यप के बीच भी विवाद सामने आया था।
बुधवार को भी कैंट और मसूरी विधानसभा क्षेत्र में दो जगह सड़क के लोकार्पण पर भाजपा और कांग्रेस नेता आमने सामने आ गए। दोनों दल एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।
केस एक
पहला मामला कैंट विधानसभा क्षेत्र का है। यहां इंदिरानगर से बसंत विहार जाने वाले काली मंदिर सड़क मार्ग का कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सुबह लोकार्पण किया। धस्माना ने सड़क का कार्य पूरा होने पर खुशी जताते हुए शीघ्र ही इंदिरानगर के बचे हुए क्षतिग्रस्त आंतरिक मार्गों को पुनर्निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने की बात कही। दोपहर करीब एक बजे कैंट से भाजपा विधायक हरबंस कपूर कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और सड़क के लोकार्पण की औपचारिकता पूर्ण की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना के लोकार्पण के बोर्ड तोड़ने की भी कोशिश की। भाजपाइयों ने विरोध में सूर्यकांत धस्माना का पुतला भी फूंका।
नेताओं ने एक दूसरे पर किया जवाबी वार
‘वर्ष 2012 में जिला योजना में सड़क मार्ग का निर्माण स्वीकृत हुआ था। तीन साल तक सड़क नहीं बनी तो हमने अक्तूबर 2015 में इसे लेकर धरने प्रदर्शन किए। जिस पर लोक निर्माण विभाग ने एक हफ्ते के भीतर कार्य शुरू कराया। 18 अक्तूबर को जनता की मांग पर मैने ही सड़क का शिलान्यास किया था। अब फिर लोगों की मांग पर मैंने लोकार्पण किया। विकास कार्य कराने में विफल विधायक को विरोध के बजाय विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।’
--सूर्यकांत धस्माना कांग्रेस उपाध्यक्ष
‘इस मार्ग के लिए हमने, पूर्व पार्षद एवं जिला योजना समिति के सदस्य सुरेंद्र सिंह रावत और मौजूदा पार्षद मीरा कठैत ने अथक प्रयास किए। लागत बढ़ने पर ठेकेदार भी निर्माण कार्य शुरू करने से कतरा रहे थे। हम लोगों ने सरकार और विभाग पर दबाव बनाकर किसी तरह कार्य शुरू कराया। स्थानीय विधायक की हैसियत से बुधवार को लोकार्पण का हमारा पहले से कार्यक्रम निर्धारित था। धस्माना जी को सड़क के लोकार्पण का कोई अधिकार नहीं है।’
--हरबंस कपूर, विधायक
सड़क के लोकार्पण पर विधायक जोशी और कांग्रेस में तकरार
दूसरा मामला मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जोहड़ी मार्ग का है। यहां कांग्रेस सरकार में दर्जाधारी गोदावरी थापली ने अनारवाला से जोहड़ी-मालसी मार्ग का पक्कीकरण के कार्य का शिलान्यास किया। थापली ने कहा कि 185.20 लाख की लागत से बनने वाले ढाई किलोमीटर मार्ग के पक्कीकरण से क्षेत्र की हजारों की आबादी को फायदा मिलेगा। जोहड़ी जिला पंचायत सदस्य संध्या थापा ने इस मार्ग के शिलान्यास को कांग्रेस का चुनावी स्टंट करार देते हुए निंदा की है। उधर, एक कार्यक्रम में विधायक गणेश जोशी ने भी शिलान्यास कार्यक्रम में स्थानीय विधायक को आमंत्रित न करने पर नाराजगी जताई है।
विधायक ने किया सड़क कार्य का शिलान्यास
चार मार्च को उन्होंने यमुना कॉलोनी में विधान सभा क्षेत्र के लगभग तीन हजार क्षेत्रवासियों के साथ कार्यालय का घेराव किया था। भट्टा गांव के लोगों ने भी विधायक जोशी से मुलाकात की और अपनी सड़क के बारे में वार्ता की। कार्यक्रम में विभाग के सहायक अभियंता एलएस नेगी, अपर सहायक अभियंता संसार सिंह, मंडल महामंत्री कुशाल राणा, राकेश रावत, धर्मपाल आदि मौजूद रहे।