सभी स्कूलों, कॉलेजों में लगे बायोमेट्रिक मशीन: हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट ने डीएवी कॉलेज देहरादून सहित प्रदेश के सभी कॉलेजों और माध्यमिक स्कूलों में हाजिरी मशीन (बायोमैट्रिक मशीन) लगाने के प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं।
पूर्व में डीएवी कॉलेज देहरादून में बायोमैट्रिक मशीन तोड़ने के मामले में डीआईजी कोर्ट में हुए पेश हुए थे। डीआईजी ने कोर्ट में व्यक्तिगत शपथपत्र दायर कर कोर्ट को बताया था कि उन्होंने हाजिरी मशीन, सीसीटीवी व कंप्यूटर आदि में तोड़फोड़ करने वाले 30 लोगों के खिलाफ चार्जशीट निचली अदालत में पेश कर दी है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूर्व में दौलतराम सेमवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कॉलेजों में 180 दिन पढ़ाई के साथ अध्यापकों के लिए निर्धारित घंटे की पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाए।
...तो कॉलेज को सरकार के अधीन क्यों न दें
पूर्व में कोर्ट ने इस प्रकरण में सभी कॉलेजों में अध्यापकों की उपस्थिति के लिए हाजिरी मशीन लगाने के आदेश पारित किए थे। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में डीएवी कॉलेज में बॉयोमेट्रिक हाजिरी मशीन लगाई गई थी। जिसे छात्रों और शिक्षकों ने तोड़ दिया था।
पूर्व में सुनवाई के बाद कोर्ट ने कॉलेज प्रबंधन से पूछा था कि अगर वह बायोमैट्रिक व्यवस्था को सुचारु कराने में नाकाम है तो क्यों न न्यायालय वहां एक अधिकृत नियंत्रक अप्वाइंट कर दे या फिर इस कॉलेज को सरकार के अधीन दे दिया जाए। इस प्रकरण पर डीआईजी की ओर से अपना शपथपत्र दायर किया गया था।
बृहस्पतिवार को पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने डीएवी कॉलेज देहरादून में हाजिरी मशीन लगाने के साथ ही सभी कॉलेजों और माध्यमिक स्कूलों में हाजिरी मशीन लगाने के निर्देश दिए ताकि माध्यमिक स्कूलों में भी शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो सके।