उत्तराखंड: हरिद्वार के अशासकीय स्कूलों में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा, इस तरह से हुआ पूरा 'खेल'
उत्तराखंड में अब एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अशासकीय स्कूलों ने छात्रों के सा इस तरह से पूरा खेल किया कि जांच अधिकारी भी हैरानी में पड़ गए। अशासकीय स्कूल की 10वीं कक्षा में 20 बच्चे और रजिस्ट्रेशन 250 का।
इसी तरह बारहवीं में 25 से 30 बच्चे और रजिस्ट्रेशन 300 का है। बच्चे किसी दूसरे स्कूल में पढ़ रहे हैं और उनका रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे स्कूल में किया गया है। उन्हें शैक्षिक प्रमाणपत्र उस स्कूल का नहीं मिल रहा, जिसमें वे पढ़ रहे हैं। यह हाल एक स्कूल का नहीं, बल्कि चार से पांच स्कूलों में मिला।
प्रकरण की जांच की जा रही है। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि हरिद्वार के कुछ स्कूलों की शिकायत मिलने पर उन्होंने औचक निरीक्षण किया तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई।
स्कूल में जितने बच्चे पढ़ रहे हैं उसके दस गुना तक का रजिस्ट्रेशन दर्शाया गया है। कुछ अशासकीय स्कूलों में जितने बच्चों का रजिस्ट्रेशन दिखाया है, उतने बच्चों के बैठने की जगह तक नहीं है।
अब विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से इन बच्चों के परीक्षा फार्मों की जांच कराई जाएगी। मिलान कराया जाएगा कि बोर्ड परीक्षा के लिए कितने बच्चों के किस स्कूल से आवेदन आए हैं।
अपर निदेशक ने कहा कि मामला फर्जीवाड़े का है। जांच के बाद संबंधित स्कूल संचालकों एवं शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही दून समेत अन्य जिलों में भी अशासकीय स्कूलों की जांच की जाएगी।