फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   behavior of girl students in school shocked everyone

स्कूल पहुंचते ही छात्राएं कर रहीं अजीब हरकत, मांग रहीं बकरी-मुर्गे की बलि

Sun, 21 May 2017 08:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो / अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 21 May 2017 08:59 AM IST
विज्ञापन
behavior of girl students in school shocked everyone
अात्‍मा - फोटो : demo pic

उत्तराखंड के इस गांव में स्कूल पहुंचते ही छात्राएं अजीब हरकतें कर रही हैं। डॉक्टरों को छात्राओं की यह बिमारी समझ में नहीं आ रही है। 

विज्ञापन


चंपावत के जीआईसी धौन में अध्ययनरत छात्राओं के अजीब बीमारी की चपेट में आने की शिकायत पर बृहस्पतिवार को चिकित्सा दल स्कूल में जाकर छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। छात्राओं को हो रही अजीब बीमारी चिकित्सकों की समझ में नहीं आई।
विज्ञापन


जीआईसी धौन में अध्ययनरत छात्राएं नए शिक्षा सत्र से अजीब बीमारी की चपेट में आ रही है। घर से ठीक ठाक स्कूल में पहुंचने के बाद छात्राएं कक्षाओं में अजीब हरकतें करने के साथ बेहोश हो जा रही हैं। प्रधानाचार्य जगदीश सिंह अधिकारी के अनुसार स्कूल शुरू होते ही अलग अलग कक्षाओं में छात्राओं के बेहोश होने अथवा अजीब हरकतें करने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बीमारी के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई

behavior of girl students in school shocked everyone
चिकित्सक

छात्राओं के इस अजीब सी बीमारी की चपेट में आने से घबराए अभिभावकों ने दो दिन पहले डीएम डॉ.अहमद इकबाल को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में चिकित्सकों की टीम भेजने की मांग उठाई थी। बृहस्पतिवार को एसीएमओ डॉ.रश्मि पंत की अगुवाई में चिकित्सा दल स्कूल में पहुंचा।

प्रारंभिक जांच में चिकित्सा दल को छात्र-छात्राओं की इस बीमारी के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई। डॉ. रश्मि पंत का कहना है कि छात्राओं की बीमारी की जांच के लिए जिला अस्पताल में बुलाया गया है। 

उनका कहना है कि छात्राओं में उम्र बढ़ने के साथ ही हारमोन में परिवर्तन आने के कारण भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। उनका कहना है कि अज्ञात बीमारी के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है, अलबत्ता छात्राओं में यह लक्षण हिस्टीरिया के भी हो सकते हैं। जीआईसी धौन में बगेड़ी, बनलेख, मौराड़ी, धौन, पत्थरमौन, नायल, सांयली, सल्ली और आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ने को जाते हैं। लेकिन अधिकांश छात्राओं के स्कूल में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से अभिभावकों में चिंता व्याप्त है।

चिकित्सा दल के लौटते ही करने लगी अजीब हरकतें

behavior of girl students in school shocked everyone
सदियों से चली आ रही है बलि की प्रथा - फोटो : Reuters

जीआईसी धौन में जब तक चिकित्सा दल मौजूद रहा तब तक तो सब कुछ ठीक ठाक रहा। लेकिन जैसे ही चिकित्सा दल वापस चंपावत को लौटा तो स्कूल की छात्राएं फिर से अजीब हरकतें करते हुए और बेहोश होने लगी।

प्रधानाचार्य जगदीश सिंह अधिकारी के अनुसार कुछ देर अजीब हरकतें करने के बाद छात्राएं शांत भी हो जा रही है। उनका कहना है कि पर्वतीय क्षेत्र में धार्मिक मान्यताओं के कारण अभिभावक छात्राओं का इलाज कराने के बजाए झाड़ फूंक का सहारा ले रहे हैं। 

बकरे और मुर्गे की बलि मांगने लगती हैं छात्राएं
जीआईसी धौन में छात्राओं के इस  बीमारी से ग्रसित होने का सिलसिला बीते एक माह में काफी तेज हो गया है। स्थानीय स्तर पर देव डांगरों को बुलाने और उनके द्वारा टीका लगाने से छात्राएं शांत भी हो जाती हैं। जब छात्राएं अजीब हरकतें और बेहोश होने लगती हैं तो वह जोर जोर से बकरे और मुर्गे की बलि मांगने लगती हैं। इससे पूर्व जिले के कई अन्य स्कूलों में भी इस तरह की घटनाएं पेश आ चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed