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बहनों के लिए आफत बन गई मुफ्त सफर सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Mon, 11 Aug 2014 12:48 AM IST
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रक्षाबंधन पर्व पर हरियाणा सहित दिल्ली और चंडीगढ़ तक मुफ्त सफर की सुविधा बहनों के लिए दुविधा अधिक बनती नजर आई। रविवार सुबह छह बजे से ही यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड पर बच्चों सहित महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। लेकिन रोडवेज बसों की कमी में देखते ही देखते मारामारी की स्थिति बन गई।
इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। काफी यात्री बसों में भारी भीड़ को देखकर ही वापस लौट गए या गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी बसों व वाहनों का सहारा लेते दिखाई दिए। उधर, रोडवेज विभाग ने स्थिति पर नियंत्रण पाने का पूरा प्रयास किया, जिससे करीब 12 बजे हालात सामान्य हो पाए।
प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज की बसों में बहनों और उनके 12 वर्ष से कम उम्र बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई। लेकिन यमुनानगर डिपो पर बसों की कमी के बीच यह सौगात बहनों को रास नहीं आई। विभागीय सूत्रों की मानें तो डिपो पर विभिन्न रूट की 163 बसें हैं, जबकि मांग 180 बसों की है।
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कम बसों की संख्या के बीच रक्षाबंधन के दिन रविवार को मुफ्त सफर का लाभ उठाने वाली महिलाओं और बच्चों की भीड़ में बसों पर 35-40 प्रतिशत अधिक यात्रियों का बोझ पड़ गया। इसी कारण सुबह छह से 12 बजे के बीच यमुनानगर और जगाधरी दोनों ही बस स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारामारी रही।
महिला सुमन, हेमा, रीटा, अमन ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, लेकिन बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना भी मुश्किल हो गया। बसों में अधिक भीड़ होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और वृद्धों को हुई।
धक्का-मुक्की के बीच बेसुध होकर गिरी वृद्ध महिला
बस स्टैंड पर करीब 11 बजकर 26 मिनट पर बस के आने पर उसकी ओर पकड़ने के लिए दौड़े यात्रियों की धक्का-मुक्की के बीच एक वृद्ध महिला बेसुध होकर गिर गई। उसे आसपास मौजूद लोगों ने उठाकर बस स्टैंड परिसर में बनी यात्री सीट पर बैठाया। महिला के मुंह पर पीनी छिड़कने के बाद उसे होश आया और उसने अपना नाम शिलावंती बताया, जो सहारनपुर जाने के लिए बस पकड़ने के लिए बस स्टैंड पर पहुंची थी। इसी तरह सीटें फुल होने पर बसों के भीतर भी लोग ठूंस-ठूंसकर और खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए।
यूपी-हिमाचल सहित लोकल रूट की बसों के लिए घंटों इंतजार
बता दें कि हरियाणा रोडवेज बसों में केवल हरियाणा सहित चंडीगढ़ और दिल्ली तक ही बहनों को मुफ्त सफर की सौगात दी गई थी। जबकि यूपी-हिमाचल के लिए सामान्य दिनों की तरह ही सभी यात्रियों से किराया वसूला गया। लेकिन यूपी-हिमाचल रूट पर कम बसों के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वर्कशॉप निवासी ममता को सहारनपुर के पिलखनी गांव में अपने भाई को राखी बांधने के लिए जाना था। उसने बताया कि वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रही है, लेकिन कोई बस नहीं आई।
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इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। काफी यात्री बसों में भारी भीड़ को देखकर ही वापस लौट गए या गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी बसों व वाहनों का सहारा लेते दिखाई दिए। उधर, रोडवेज विभाग ने स्थिति पर नियंत्रण पाने का पूरा प्रयास किया, जिससे करीब 12 बजे हालात सामान्य हो पाए।
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प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज की बसों में बहनों और उनके 12 वर्ष से कम उम्र बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई। लेकिन यमुनानगर डिपो पर बसों की कमी के बीच यह सौगात बहनों को रास नहीं आई। विभागीय सूत्रों की मानें तो डिपो पर विभिन्न रूट की 163 बसें हैं, जबकि मांग 180 बसों की है।
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कम बसों की संख्या के बीच रक्षाबंधन के दिन रविवार को मुफ्त सफर का लाभ उठाने वाली महिलाओं और बच्चों की भीड़ में बसों पर 35-40 प्रतिशत अधिक यात्रियों का बोझ पड़ गया। इसी कारण सुबह छह से 12 बजे के बीच यमुनानगर और जगाधरी दोनों ही बस स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारामारी रही।
महिला सुमन, हेमा, रीटा, अमन ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, लेकिन बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना भी मुश्किल हो गया। बसों में अधिक भीड़ होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और वृद्धों को हुई।
धक्का-मुक्की के बीच बेसुध होकर गिरी वृद्ध महिला
बस स्टैंड पर करीब 11 बजकर 26 मिनट पर बस के आने पर उसकी ओर पकड़ने के लिए दौड़े यात्रियों की धक्का-मुक्की के बीच एक वृद्ध महिला बेसुध होकर गिर गई। उसे आसपास मौजूद लोगों ने उठाकर बस स्टैंड परिसर में बनी यात्री सीट पर बैठाया। महिला के मुंह पर पीनी छिड़कने के बाद उसे होश आया और उसने अपना नाम शिलावंती बताया, जो सहारनपुर जाने के लिए बस पकड़ने के लिए बस स्टैंड पर पहुंची थी। इसी तरह सीटें फुल होने पर बसों के भीतर भी लोग ठूंस-ठूंसकर और खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए।
यूपी-हिमाचल सहित लोकल रूट की बसों के लिए घंटों इंतजार
बता दें कि हरियाणा रोडवेज बसों में केवल हरियाणा सहित चंडीगढ़ और दिल्ली तक ही बहनों को मुफ्त सफर की सौगात दी गई थी। जबकि यूपी-हिमाचल के लिए सामान्य दिनों की तरह ही सभी यात्रियों से किराया वसूला गया। लेकिन यूपी-हिमाचल रूट पर कम बसों के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वर्कशॉप निवासी ममता को सहारनपुर के पिलखनी गांव में अपने भाई को राखी बांधने के लिए जाना था। उसने बताया कि वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रही है, लेकिन कोई बस नहीं आई।