देखिए, नियमों के विरूद्घ बैंक के बकाएदारों संग हो रहा कैसा सुलूक

नलिनी गुसाईं / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 23 Sep 2016 04:28 PM IST
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सरकार या बैंक के ऋण का भुगतान न करने वाले बकाएदारों को राजस्व बंदी गृह के बजाय जिला कारागार में अपराधियों के बीच रखा जा रहा है।
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काफी समय से चल रही इस गैर कानूनी व्यवस्था पर शासन और जेल प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। बकायेदारों को 10 से 12 दिन तक अपराधियों की तरह सजा काटनी पड़ रही है। बकायेदारों को किस अधिनियम के तहत कारागार में रखा जा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
तहसील में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार बैंक ऋण का भुगतान न करने पर देहरादून निवासी आनंद प्रकाश को 28 जुलाई से 14 दिन सुद्धोवाला स्थित जिला कारागार में रखा गया था। आनंद प्रकाश की तरह सदर तहसील के तहत आने वाले बकाएदारों को कारागार में ही रखा जाता है।
जबकि, राजस्व वसूली तय प्रक्रिया के तहत यह नियम विरुद्ध है। नियमों के अनुसार सरकारी योजनाओं के तहत यह बैंकों के ऋणों का भुगतान न करने वालों से वसूली का आदेश राजस्व विभाग से संबंधित तहसील को भेजा जाता है। संग्रह अमीन बकाएदारों से किश्तों में वसूली करते हैं। भुगतान न करने पर बकाएदार को पकड़ कर तहसील स्थित बंदीगृह में रखने का प्रावधान है, लेकिन सदर तहसील में अलग ही व्यवस्था चल रही है।
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बंदीगृह में रखने के बजाय भेजा सुद्धोवाला जेल

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