सावधान! अब हफ्ते भर बाद ही आएं बदरीनाथ धाम
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बदरीनाथ हाईवे पर विष्णुप्रयाग में मंगलवार और बुधवार की रात को पहाड़ी से सौ मीटर के दायरे में बड़ी-बड़ी चट्टान और भारी मात्रा में मलबा आ गया है। बीआरओ का मानना है कि रास्ता खोलने में कम से कम चार दिन लग जाएंगे। हालांकि यहां मार्ग खोलने का काम मौसम पर निर्भर है।
मौसम बार-बार बिगड़ रहा है। मौसम और भारी मात्रा में आए मलबे को देखते हुए मार्ग खुलने में ज्यादा समय लगने की आशंका है। ऐसे में बेहतर होगा कि बाहर से आने वाले यात्री अब हफ्ते भर बाद ही यहां आए। गरुवार रात की बारिश के बाद सुबह से मौसम साफ है। ऐसे में सीमा सड़क संगठन ने विष्णुप्रयाग में हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया है।
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा हुई धीमी
विष्णुप्रयाग में हाईवे बंद होने के बाद तीर्थयात्रियों के आने का सिलसिला कम हुआ है। चेन्नई से आए 80 तीर्थयात्रियों का दल बदरीनाथ के बजाय आदिबदरी, वृद्धबदरी और जोशीमठ नृसिंह मंदिर के दर्शनों को पहुंचा।
पैदल रास्ते से बदरीनाथ जाने के बजाय तीर्थयात्री यात्रा का शेड्यूल बदल रहे हैं। प्रशासन की ओर से जोशीमठ में अभी तक यात्रियों के लिए वाहन और खाने-पीने की सुविधा नहीं उपलब्ध करवाई जा सकी है।
जोशीमठ में दो हेलीकॉप्टर आर्मी हेलीपेड पर हैं, पर जानकारी के अभाव में आर्मी कैंपस से पैदल ही तीर्थयात्री विष्णप्रयाग जा रहे हैं। विष्णुप्रयाग से बदरीनाथ की वाहन से दूरी 32 किमी और गोविंदघाट से 27 किमी है। जोशीमठ आर्मी कैंप से विष्णुप्रयाग तक तीन किमी के पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान यात्रियों की मदद कर रहे हैं।
बदरीनाथ मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा
इस बार राज्य सरकार का पूरा ध्यान केदारनाथ धाम पर रहा। वहां किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तक बनाई गई, लेकिन बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री में ऐसा कोई इंतजाम नहीं है।
बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया है। पैदल जाने वाले कई यात्री बीमार हो रहे हैं। लेकिन विष्णुप्रयाग से बदरीनाथ तक बीमार लोगों के उपचार की व्यवस्था नहीं है।
सौ मीटर हिस्से में फैला मलबा
विष्णुप्रयाग में 28 अप्रैल को हाईवे पर गिरी चट्टान और मलबा हटाए जाने से पहले ही बुधवार की देर रात पहाड़ से विशाल चट्टान का बड़ा हिस्सा और मलबा आ गिरा। मलबा और बोल्डर सौ मीटर हिस्से में फैल गए हैं। गुरुवार को भी रास्ता पूरी तरह बंद था।
मंगलवार को यहां मार्ग बंद होने से लगभग तीन हजार यात्री फंस गए थे। इनमें से कई पैदल बदरीनाथ के दर्शन के लिए गए तो कई बिना दर्शन ही लौट गए हैं।
दरअसल, हाईवे बंद होने के बाद अब जोशीमठ आर्मी कैंप से विष्णुप्रयाग तक तीन किमी पैदल चलकर फिर वाहन से बदरीनाथ पहुंचा जा सकता है। डेढ़ किमी खड़ी चढ़ाई वाला तीन किमी का यह पैदल रास्ता (पगडंडी) जहां हाईवे बंद हुआ है, उस इलाके के आगे निकलता है।
बृहस्पतिवार को भी हाईवे बंद देख 800 तीर्थयात्री मायूस होकर अपने घरों को लौट गए, जबकि आस्था और उत्साह से भरे 1074 तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम मत्था टेकने पहुंचे। बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे 186 तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ लाया गया।