27 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे फिर हुआ बंद
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पिछले 27 घंटों से अवरुद्ध पड़े बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को साढे़ तीन बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई। जिससे हाईवे के दोनों ओर रुके करीब तीन सौ तीर्थयात्री अपने गंतब्य को चले गए।
शुक्रवार को हाईवे खुलने से 130 तीर्थयात्री बदरीनाथ और 93 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए जबकि करीब दो सौ तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम के दर्शन कर अपने-अपने गंतब्य को रवाना हुए।
बीती बृहस्पतिवार को दोपहर साढे़ 12 बजे पिनौला में चट्टान टूटने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था। जो शुक्रवार को सांय साढे़ तीन बजे सुचारु हो पाया़। हालांकि हाईवे को छोटे वाहनों के लिए ही खोला गया।
पांच बजे फिर हुआ बंद, केदारनाथ खुला
साढ़े तीन बजे खुला बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार शाम लगभग पांच बजे सिरोहबगड़ में मलबा आने के कारण पुन: अवरुद्ध हो गया। वहीं केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह आठ बजे के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
बृहस्पतिवार रात बारिश होने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोहबगड़ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बांसवाड़ा में मलबा आने से बाधित हो गया।
दोनों सड़कों को बीआरओ ने सुबह आठ बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया था, लेकिन सिरोहबगड़ में फिर शाम पांच बजे मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे फिर बाधित हो गया।
पैदल ही निकले 17 सिख तीर्थयात्री
शुक्रवार को सुबह दस बजे तक भी बदरीनाथ हाईवे के न खुलने से हेमकुंड साहिब जा रहे करीब 17 सिख तीर्थयात्रियों ने पिनौला से पैदल ही हेमकुंड के लिए प्रस्थान किया।
सिख तीर्थयात्रियों की आस्था और उत्साह को देख बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्री व स्थानीय लोग अचंभित हैं।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल निलेश चंदाराना ने बताया कि पिनौला, लामबगड़ और बैनाकुली में हाईवे को दुरुस्त रखना चुनौतीपूर्ण है। कहीं चट्टानी भाग तो कहीं धंस रही पहाड़ियां हाईवे के लिए मुसीबत खड़ी कर रही हैं।