बदरीनाथ हाईवे पर कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच बड़े वाहनों की एंट्री बंद, इन रास्तों से होगी आवाजाही
- कटिंग के चलते तोताघाटी में बदरीनाथ हाईवे हुआ संकरा
- सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त, पहाड़ी से बोल्डर गिरने का खतरा
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कौड़ियाला से देवप्रयाग 30 किमी पैच पर तोताघाटी में कटिंग को देखते हुए इस रास्ते को बड़े व भारी वाहनों की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। मौजूदा समय में यहां कटिंग की वजह से हाईवे बहुत संकरा हो गया है। साथ ही पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। बड़े वाहनों को प्रशासन ने मलेथा-पीपलडाली-चंबा-टिहरी-नरेंद्रनगर मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया है।
बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। विगत मार्च माह में पहाड़ी कटान के लिए लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने देवप्रयाग से कौड़ियाला के बीच पूर्ण रूप से यातायात बंद किया था, लेकिन लॉकडाउन में मजदूरों, विस्फोट सामग्री और मशीनों की कमी की वजह से काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
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वर्तमान में तोताघाटी क्षेत्र में पहाड़ कटान का काम चल रहा है। यहां सड़क की चौड़ाई पांच से छह मीटर चौड़ी है, लेकिन कटिंग की वजह से सड़क बहुत ही संकरी हो गई है। सड़क की निचली ओर दीवार गिर गई है, जबकि ऊपर की ओर से बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यहां वाहनों का संचालन जोखिम भरा हो गया है।
इस रूट पर डायवर्ट किए वाहन
हाईवे की हालत देखते हुए गत चार जुलाई को एसडीएम कीर्तिनगर अजयवीर सिंह ने लोनिवि के अधिकारियों के साथ तोताघाटी का निरीक्षण किया था। इसके बाद बड़े वाहनों को ऋषिकेश-चंबा-मलेथा रूट पर डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया।
दूसरी ओर लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड श्रीनगर ने एसडीएम कीर्तिनगर को पत्र भेजकर मानसून काल में रात के वक्त सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
ठेकेदार ने तोताघाटी क्षेत्र में पहाड़ का कटान कर चौड़ीकरण कार्य 45 दिन में पूरा करने की बात कही है। इस वजह से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि उक्त अवधि में रात के वक्त छोटे वाहनों के आवागमन को भी प्रतिबंधित कर दिया जाए।
- बीएन द्विवेदी, सहायक अभियंता, लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड
वर्तमान में सड़क की स्थिति को देखते हुए बड़े वाहनों की आवाजाही सुरक्षित नहीं है। इसलिए बड़े वाहनों को डायवर्ट किया गया है। रात के वक्त वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के संबंध में जिलाधिकारी से विचार विमर्श किया जाएगा।
- अजयवीर सिंह, एसडीएम कीर्तिनगर