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बदरीनाथः यात्रा अवधि सबसे ज्यादा पर यात्री सबसे कम
प्रमोद सेमवाल/अमर उजाला, बदरीनाथ
Updated Wed, 03 Dec 2014 04:13 PM IST
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2014 को बदरीनाथ धाम की सबसे लंबी अवधि की यात्रा के लिए भी याद किया जा सकता है क्योंकि अब तक के ज्ञात इतिहास में इतने दिनों तक कभी भी धाम के कपाट नहीं खुले रहे।
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कपाट पांच मई को खुले थे और बीते 27 नवंबर को शीतकालीन विश्राम के लिए बंद कर दिए गए। जबकि अन्य वर्षों में प्राय:16 से 20 नवंबर के बीच कपाट होते थे। इस दौरान तीर्थयात्री लगातार आते रहे पर बीते सालों की तरह नहीं।
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इस वर्ष छह माह 22 दिनों तक बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा चली। वर्ष 2009 और 2011 में 17 नवंबर, वर्ष 2010 में 12 नवंबर और 2013 में 18 नवंबर को धाम के कपाट बंद कर दिए गए थे। हालांकि वर्ष 1974 में 24 नवंबर को कपाट बंद हुए थे।
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आपदा का दिखा खौफ
जून 2013 की आपदा से यहां कोई नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन खौफ खाए तीर्थयात्रियों ने यहां भी आने से परहेज किया। वर्ष 2013 में 4 लाख 91 हजार 999 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे जबकि 16/17 जून को जलप्रलय से हाईवे बंद हो जाने से यात्रा ठप पड़ गई थी। वर्ष 2014 में एक लाख 80 हजार तीर्थयात्री ही पहुंचे।
राजा करते हैं खुलने की घोषणा
बदरीधाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण मंदिर के वेदपाठी नक्षत्रों की गणना के आधार पर करते हैं। इसी तिथि की घोषणा टिहरी नरेश नरेंद्र नगर में बसंत पंचमी को करते हैं। प्रतिवर्ष यह तिथि 25 अप्रैल से 20 मई के बीच की होती है।
ग्लोबल वार्मिंग का असर
बदरीनाथ धाम में 20 नवंबर के बाद बर्फबारी और बारिश होने से कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो जाती है। पहले 10 नवंबर के बाद से ही धाम में बर्फबारी शुरू हो जाती थी, लेकिन वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग के चलते इस समय बर्फबारी और बारिश कम मात्रा में हो रही है। दिसंबर माह से अप्रैल माह तक बदरीनाथ क्षेत्र बर्फ की आगोश में समाया रहता है।
सात दिनों में 13 हजार ने किए दर्शन
इस वर्ष कपाट बंद होने के आखिरी सप्ताह में 13 हजार तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए, जिनसे बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति को आठ लाख का चढ़ावा प्राप्त हुआ। मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि तीर्थयात्रा यदि लंबे समय तक चल पाए तो तीर्थयात्रियों और यहां के व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा।
शास्त्रों के अनुसार ही कपाट खुलने और बंद होने की तिथि घोषित की गई। इस बार बंद करने के लिए 27 नवंबर अनुकूल और शास्त्रसम्मत तिथि निकली थी। कपाट बंद होने की तिथि हमेशा 16 से 30 नवंबर के बीच ही निर्धारित की जाती है।
- भुवन चंद्र उनियाल, बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी
बीते पांच सालों में बदरीनाथ यात्रा
वर्ष --- समय ------- पहुंचे तीर्थयात्री ----- मंदिर समिति की आय
2010 - छह माह - 9 लाख 30 हजार 624 - 9 करोड़ 55 लाख
2011 - छह माह 8 दिन - 9 लाख 80 हजार 667 - 10 करोड़ 09 लाख
2012 - छह माह 17 दिन - 10 लाख 42 हजार 215 - 13 करोड़
2013 - छह माह 2 दिन - 4 लाख 91 हजार 999 - 5 करोड़ 20 लाख
2014 - छह माह 22 दिन - 1 लाख 80 हजार - 4 करोड़ 30 लाख रुपए
(आंकड़े: मंदिर समिति के अनुसार)