बदरीनाथ धाम: कपाट बंद होने के बाद योग ध्यान बदरी में विराजमान हुई आदि गुरू शंकराचार्य, कुबेर और उद्धव जी की गद्दी
Badrinath Dham:अब शीतकाल में छह माह तक भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना पांडुकेश्वर में संपन्न होगी।सैकड़ों भक्तों ने बदरीनाथ भगवान के जयकारे लगाए।
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बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से बंद होने के बाद रविवार को आदि गुरू शंकराचार्य, कुबेर जी और उद्धव जी की उत्सव डोली को योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाया गया। बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पूजा-अर्चना कर कुबेर जी और उद्धव जी को पांडुकेश्वर मंदिर में स्थापित किया।
अब शीतकाल में छह माह तक भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना पांडुकेश्वर में संपन्न होगी। इस दौरान सैकड़ों भक्तों ने बदरीनाथ भगवान के जयकारे लगाए। सोमवार को आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ जी को नृसिंह मंदिर जोशीमठ में विराजमान किया जाएगा।
शनिवार को देर शाम 6 बजकर 45 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पूर्व उद्धव जी और कुबेर जी को बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भग्रह) से बाहर लाया गया। जिसके बाद दोनों देव डोलियों को बामणी गांव तक लाया गया। रविवार को सुबह पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों भक्तों के साथ रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, अपर धर्माधिकारी सत्यप्रसाद चमोला, अपर मुख्यकार्याधिकारी बीडी सिंह के नेतृत्व में आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी, कुबेर जी और उद्धव जी की उत्सव डोली को योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाया गया।
यहां स्थानीय भक्तों और तीर्थयात्रियों ने देव डोलियों के साथ ही बदरीनाथ के रावल का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पांडुकेश्वर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कुबेर जी और उद्धव जी को मंदिर में स्थापित किया गया। इस मौके पर दफेदार कृपाल सनवाल, रविंद्र भट्ट, स्वामी मुकुंदानंद, ग्राम प्रधान बबीता पंवार, किशोर पंवार सहित कई लोग मौजूद थे।
#WATCH | Uttarakhand: 'Gaddi' of Adi Shankaracharya shifted to Pandukeshwar in Joshimath from Badrinath in Chamoli, after closure of Badrinath Temple for winter break. pic.twitter.com/rm9Agsm5Bg
— ANI (@ANI) November 21, 2021