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उत्तराखंड: 25 मीटर बहा बदरीनाथ हाईवे, बदरी-केदारनाथ यात्रा रुकी, 11 जिलों में बंद रहेंगे स्कूल

Mon, 19 Aug 2019 08:40 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ/रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 19 Aug 2019 08:40 AM IST
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Badrinath And Kedarnath yatra stop after heavy rainfall and landslide
बदरीनाथ - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग, क्षेत्रपाल, पीपलकोटी, लामबगड़ और कंचन गंगा में बंद हो गया है जिससे बदरीनाथ धाम में 800 से अधिक तीर्थयात्री रोके गए हैं जबकि प्रशासन की ओर से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को भी जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया है। 

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रविवार को दिनभर बारिश के कारण अलकनंदा के साथ ही पिंडर, नंदाकिनी, धौली गंगा और चुफलागाड़ उफान पर बह रही हैं हालांकि नदियां अभी खतरे के निशान से कुछ नीचे बह रही हैं। अलकनंदा 955.20 मीटर पर बह रही है। इसका डेंजर लेवल 597.42 है जबकि नंदाकिनी 868.48 पर बह रही है। इसका खतरे का लेवल 871.50 मीटर है। पिंडर भी 768.91 मीटर पर बह रही है जबकि इसका खतरे का लेवल 773 मीटर है। 

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11 जिलों में बंद रहेंगे स्कूल

बारिश के भारी अलर्ट के बीच देहरादून में जिलाधिकारी ने सोमवार की छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान सभी निजी और सरकारी स्कूल (12वीं तक) बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के आदेश जारी हुए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार को आदेशों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। 
 
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए उत्तरकाशी, पौड़ी और चमोली जिले में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज 19 अगस्त को अवकाश रहेगा। तीन जिलों में जिलाधिकारियों की ओर से इस आशय के निर्देश जारी किए गए हैं। टिहरी में भी 19 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे। हरिद्वार में भी जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने 19 अगस्त को अवकाश घोषित किया है।


वहीं, चंपावत में भी बारिश के अलर्ट को लेकर डीएम ने सोमवार को सभी इंटर तक के स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। उधर, कुमाऊं में भी मौसम विभाग से जारी चेतावनी के बाद नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा के जिलाधिकारियों ने सोमवार को सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।  प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मी, मिनिस्ट्रीयल व अन्य कार्मिक निर्धारित समय पर स्कूल और ऑफिसों में उपस्थित रहेंगे।

तेज बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग अवरूद्ध, 230 श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में रोका

शनिवार रात से ही जनपद में तेज बारिश हो रही है। लगातार बरसात से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बरसाती नालों के ऊफान से जगह-जगह पर भारी मलबा आ गया है। साथ ही पानी बह रहा है, जिस कारण आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को रोक दिया है। श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से गौरीकुंड में ही रोका गया है। 

लगातार हो रही बारिश के बीच सुबह 8 बजे सोनप्रयाग से 230 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया था। लेकिन तेज बारिश और केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह मलबा व पानी के बहाव की सूचना पर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में ही रोक दिया गया। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यात्रा मार्ग, पड़ावों व केदारनाथ में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट व सुरक्षा जवानों को यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौसम में सुधार होने के बाद ही यात्रा संचालित करने को कहा गया है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक विषम हालातों को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। 

उधर, केदारनाथ में बारिश के बीच सुबह 6 से 8 बजे के बीच लगभग 50 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर वापस लौटे, जिन्हें छानी कैंप व लिनचोली में भी रोक दिया गया है। दिनभर तेज बारिश के चलते केदारनाथ में तीर्थ पुरोहित, व्यापारी और स्थानीय लोग कमरों में ही दुबके रहे। इस दौरान मंदिर परिसर व केदारपुरी में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। इधर, जिलाधिकारी घिल्डियाल ने बताया कि लगातार हो रही तेज बारिश को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कारणों से यात्रा को रोका गया है। मौसम में सुधार होने पर रास्ते पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। बताया सभी पड़ावों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय का दून से संपर्क कटा

मूसलाधार बारिश के चलते जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित डेढ़ दर्जन से अधिक मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इससे दर्जनों वाहन जगह-जगह फंस गए हैं। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय का राजधानी देहरादून से सड़क संपर्क कटा हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण यातायात सुचारु करने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं।
बता दें कि बीते शनिवार शाम से ही जनपद के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन, भूधंसाव और गाड़ गदेरों में उफान की घटनाएं शुरू हो गई हैं।

जनपद के दर्जनों मोटर मार्ग रविवार सुबह से ही अवरुद्ध पड़े हैं। बड़ेथी चुंगी, हेलगुगाड़ एवं मनेरा बाईपास में भूस्खलन के चलते गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया है। बीआरओ के जवान इन स्थानों पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन बारिश जारी रहने से अभी सफलता नहीं मिल पाई है। यमुनोत्री हाईवे ओजरी-डबरकोट और हरेती ब्रह्मखाल के पास भूस्खलन होने के कारण अवरुद्ध हो गया है। यहां भी यातायात बहाली के प्रयास चल रहे हैं। हाईवे अवरुद्ध होने के कारण जगह-जगह वाहन फंसे हुए हैं। 

उधर, यमुना नदी के उफान से रवाड़ा-नगाण गांव मोटर पुल की एप्रोच सड़क बहने के कारण ठकराल पट्टी के करीब दस गांवों का सड़क संपर्क ब्लाक एवं तहसील मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा हुल्डियाणा, घनसाली-तिलवाड़ा, धरासू-जोगत, कांदला बैंड, इंद्रा-टिपरी, स्यांसू-मणी, मरगांव-चमियाली, चिन्यालीसौड़-जोगत, टिकोची-सिरतोली, बरनाली-माकुड़ी, चिंवा-मोंडा, मोरी-सांकरी, सांकरी-तालुका, ज्ञानसू-साल्ड, कुंसाला-कुपड़ा, कालसी-बिंगसारी, राजगढ़ी-सरनौल, दणमाणगांव-पासा व स्यालना-सरतली आदि संपर्क मोटर मार्ग भी भूस्खलन से बाधित हो गए हैं। संबंधित सड़क निर्माण विभागों के कर्मचारी इन सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क खोलने के प्रयासों में दिक्कतें आ रही हैं। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण अलग-थलग पड़े गांवों के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नदी-नाले उफनाए : पनोद नाले में बही जीएमओयू की बस

कुमाऊं में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नदी नाले उफान पर हैं। मलबे से सड़कें पट गई हैं। रामगनर-मोहान हाईवे पर पनोद नाले के उफान में रामनगर से गैरसैंण जा रही जीएमओयू की बस कुछ दूरी तक बह गई।

इससे यात्रियों में चीखपुकार मच गई। बाद में किसी तरह चालक, परिचालक समेत 27 यात्री तो सुरक्षित किनारे आ गए, लेकिन शांति देवी बहुत दूर तक बह गई और आधे घंटे तक फंसी रही। बाद में स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने उसे सुरक्षित किनारे निकाल लिया। रामनगर-मोहान मार्ग पर पनाली गधेरा उफान पर है। खैरना एसबीआई बैंक के पास एक पेड़ एनएच किनारे खड़ी आल्टो पर गिर गया। इससे कार का अगला शीशा टूट गया।

पिथौरागढ़ के मदकोट, भदेली से लेकर जौलजीबी तक गोरी नदी का जलस्तर  बढ़ गया है। महाकाली के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। बागेश्वर में सरयू और गोमती उफान पर हैं। सरयू का जल स्तर 866.2 मीटर और गोमती का जल स्तर 863.8 मीटर तक पहुंच गया है।

कुमाऊं में 43 सड़कें मलबे से बंद
कुमाऊं में मलबे और बोल्डरों से 31 सड़कें बंद हैं। नैनीताल में 8, बागेश्वर में 11, चंपावत और पिथौरागढ़ में 10-10 और अल्मोड़ा में चार सड़कें बंद हैं। पाडली की पहाड़ी से मलबा, पत्थर गिरने से भवाली-अल्मोड़ा एनएच एक घंटे बाधित रहा। 

कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ने वाले रामनगर-मोहान-मौलेखाल मार्ग में मरचूला, साईं मदिर के पास काफी मलबा आ गया है। मोहन के पास एक पेड़ गिर जाने से मार्ग दोपहर बारह बजे से बाधित है। मरचूला मौलेखाल मार्ग के अवरुद्ध होने से गैरसैंण, चौखुटिया, सल्ट, रानीखेत समेत अन्य क्षेत्रों को वाहनों का आवागमन ठप है। टनकपुर-चंपावत हाईवे कई जगहों पर बंद रहा।  टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच छह से अधिक जगहों पर मलबा और पत्थर गिरने से बंद रहा। धूनाघाट-रीठा साहिब मोटर मार्ग साढ़े पांच घंटे तक बंद रहा। 

मुनस्यारी के धापा में बोल्डर गिरे, 24 परिवार खतरे में
मुनस्यारी के धापा गांव में पहाड़ी से बोल्डर, मलबा गिरने से गांव के 24 परिवार खतरे में हैं। इनमें से 4 परिवार कुछ दिन पहले से टैंटों में रहने लगे थे। शेष 20 परिवारों को रविवार को सहकारी समिति के भवन में शिफ्ट किया गया है।

32 से अधिक सड़कें बंद, 120 गांवों से संपर्क कटा 

विकासनगर और साहिया में भारी बारिश से जौनसार बावर क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। 32 से अधिक सड़कें जगह-जगह मलबा आने से पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इससे इन सड़कों से जुड़े 120 से अधिक गांवों का संपर्क विकासनगर मुख्य बाजार से कट गया है। लोग घरों में कैद हो कर रह गए हैं। 

ये संपर्क मार्ग बंद 
लोनिवि कालसी (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत कालसी-नगऊ, मलेथ, मसराड़, खबऊ, डिमिच, बाईला, हनोल-चातरा, बानपुर, देहरा-देऊ, कोटा-मुंधान, हयो-टगरी, माख्टी-पोखरी, पजिटिलानी, समोग, सिलीखड्ड-कुनैन, लोनिवि चकराता के अंतर्गत खारसी, रिखाड़, कोटी-कनासर, त्यूनी-मोरी, पुरोड़ी-रावना-डामठा, दारागाड़-कथियान, एनएच डोईवाला के अंतर्गत त्यूनी-चकराता, जेपीआरआर राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि साहिया के अंतर्गत साहिया-क्वानू मोटर मार्ग, हईया-अलसी-सकनी, किशोऊ-कचटा-खाती, शंभू की चौकी-पंजिया-बनसार, कोरूवा-क्वारना, पजिटिलानी-चंदोऊ-सुपोऊ-सैंज, सलगा-बोहा, बिजाऊ बैंड-भुग्तार-जोशीगांव आदि मार्ग बंद पड़े हैं। 

दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी रहा बंद 
दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी जुड्डो स्थित मोंई झरने के पास भारी मात्रा में मलबा आने से बंद हो गया। मलबे के पास एक ट्रक दलदली मिट्टी में धंस गया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। लोगों को कई घंटे तक वाहन में ही बैठ सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। सुबह करीब 11 बजे सड़क पर यातायात बहाल कराया जा सका। 

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