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Badri Tulsi: भगवान बदरीनाथ को चढ़ने वाली बदरी तुलसी की होगी खेती, किसानों को जल्द दी जाएगी पौध

Thu, 16 Nov 2023 05:27 PM IST
अलका त्यागी मुकेश भट्ट, अमर उजाला, श्रीनगर गढ़वाल
मुकेश भट्ट, अमर उजाला, श्रीनगर गढ़वाल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 16 Nov 2023 05:27 PM IST
सार

बदरीनाथ धाम के समीप माणा, पांडुकेश्वर, बामणी, छेनगांव और मराज गांव से सटे क्षेत्र में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली बदरी तुलसी की लकड़ी की माला भगवान बदरीनाथ को चढ़ाई जाती है लेकिन अव्यवहारिक विदोहन के चलते यह विलुप्ति के कगार पर है।

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Badri Tulsi farming Will Held Soon which is offered to Lord Badrinath
बदरी तुलसी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गढ़वाल विवि के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग ने विलुप्त होती बदरी तुलसी (वन तुलसी) के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में ठोस पहल की है। विवि के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग ने टिहरी जिले के सुनाहरीगाढ़ में बदरी तुलसी की पौधशाला तैयार की है जहां तैयार 10 हजार पौधे जल्द किसानों को दिए जाएंगे।

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बदरीनाथ धाम के समीप माणा, पांडुकेश्वर, बामणी, छेनगांव और मराज गांव से सटे क्षेत्र में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली बदरी तुलसी की लकड़ी की माला भगवान बदरीनाथ को चढ़ाई जाती है लेकिन अव्यवहारिक विदोहन के चलते यह विलुप्ति के कगार पर है।
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बदरी तुलसी के संरक्षण की दिशा में काम कर रहे गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए टिहरी जिले के सुनाहरीगाढ़ के समीप तैयार 10 हजार बदरी तुलसी की पौध तैयार की है जिसे किसानों को बांटा जाएगा। संवाद
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औषधीय गुणों से भरपूर है बदरी तुलसी

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औषधीय गुणों से भरपूर बदरी तुलसी का वानस्पतिक नाम ओरेगेनम ब्लगार है। इसका उपयोग चर्मरोग, डायबिटीज, सिर दर्द, फंगल संक्रमण, कफ खासी आदि रोगों में इसका सेवन लाभदायक है।

बदरी तुलसी से सुधरेगी आर्थिकी

बदरी तुलसी से बनने वाली माला 100-150 रुपये तक आसानी से बिक जाती है। इसके पाउडर और तेल की भी बाजार में बहुत डिमांड है। प्रो. जितेंद्र बुटोला ने बताया कि इसके ब्रांडिंग पर भी काम किया जाएगा।

कार्बन सोखने की अधिक क्षमता

एक शोध में पाया गया है कि बदरी तुलसी अन्य तुलसी के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक कार्बन सोखने में सक्षम है जिससे इसे पर्यावरण की दृष्टि से फायदेमंद मानते हुए शोध जारी है। डाॅ. जितेंद्र कुमार बुटोला ने बताया कि इसके हर पहलू पर शोध किया जा रहा है।

बदरी तुलसी की व्यवसायिक खेती करने के लिए जल्द शिविर लगाकर किसानों की इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। औषधीय गुणों की जानकारी और इसकी खेती के जरिए आर्थिकी सुधारने के टिप्स भी किसानों को दिए जाएंगे।
- डाॅ. जितेंद्र कुमार बुटोला, असिस्टेंट प्रोफेसर, वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग गढ़वाल विवि श्रीनगर।

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