उत्तरकाशी में फंसे बाबा रामदेव ऋषिकेश रवाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारी बारिश के कारण अपने 400 समर्थकों के साथ उत्तरकाशी में फंसे बाबा रामदेव आज शनिवार को मौसम खुलने पर ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। निकलने से पहले बाबा रामदेव ने उनकी आध्यात्मिक यात्रा को विवादों में घसीटे जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बनाया।
गौरतलब है कि गंगोत्री-गोमुख क्षेत्र की आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर हरिद्वार लौट रहे योगगुरु बाबा रामदेव जगह-जगह गंगोत्री हाईवे के बंद होने के चलते अपने जत्थे और अन्य सैकड़ों यात्रियों व कांवड़ियों के साथ शुक्रवार को फंस गए थे।
शुक्रवार रात लगभग साढ़े आठ बजे हेलगूगाड में हाईवे खुलवाकर प्रशासन ने यहां से सभी को निकाला। बाबा रामदेव के साथ 200 लोगों को रात में भटवाड़ी से आगे सैंज कुमाल्टी में पायलट बाबा के आश्रम में ठहराया गया था।
जत्थे में शामिल अन्य 200 लोग भटवाड़ी में ही ठहराए गए थे। सुबह 11 बजे गंगोत्री से चला योगगुरु का करीब 400 लोगों का जत्था पहले सुक्की फिर गंगनानी और शाम को हेलगूगाड के पास फंस गया।
साढ़े आठ सौ यात्री और कांवड़िए फंसे
बृहस्पतिवार रात को भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री एवं यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से करीब 850 तीर्थयात्री एवं कांवड़िए उत्तरकाशी जिले में जगह-जगह फंसे रहे।
यमुनोत्री राजमार्ग बाडिया के पास अवरुद्ध होने से यमुनोत्री की यात्रा कर लौट रहे महाराष्ट्र के 18 यात्रियों का दल हनुमानचट्टी में फंसा रहा जबकि यमुनोत्री यात्रा करने के लिए जा रहे 22 तीर्थयात्री स्यानाचट्टी में डेरा डाले हुए हैं।
उधर, गंगोत्री से लौट रहे योग गुरु बाबा रामदेव के जत्थे समेत करीब 600 तीर्थयात्री और कांवड़िए भटवाड़ी एवं गंगनानी के बीच हेलगूगाड के पास फंस गए।
इनमें सीमावर्ती सड़कों का निरीक्षण कर लौट रहे बीआरओ के चीफ केके राजदान का काफिला भी शामिल हैं। नालूपाणी में सड़क अवरुद्ध होने से ऋषिकेश लौटने वाले करीब 200 कांवड़िए उत्तरकाशी से धरासू के बीच फंसे गए।