गुप्तकाशी में बाबा केदार की डोली का भव्य स्वागत, सोमवार को ओंकारेश्वर मंदिर में होंगे विराजमान
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बाबा केदार की उत्सव डोली रविवार देर शाम अपने दूसरे पड़ाव गुप्तकाशी पहुंची, जहां भक्तों ने उनका स्वागत किया। सोमवार को बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति ऊखीमठ में अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी।
इसके बाद, बाबा की छह माह की पूजा यहीं होगी। बदरी-केदार मंदिर समिति ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं, मां गंगा की भोग मूर्ति शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित मंदिर में और यमुना जी की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव में स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को बंद होने हैं।
रविवार को बाबा केदार की उत्सव डोली की रामपुर में मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने पूजा की। शृंगार के बाद बाबा को भोग लगाया गया। इसके बाद भक्तों के जयकारों के साथ प्रात: 8.30 बजे डोली ने दूसरे पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
शेरसी, बडासू, फाटा, खड़िया, मैखंडा, ब्यूंग, खुमेरा, नारायणकोटी, मस्ता व नाला होते हुए उत्सव डोली शाम पांच बजे गुप्तकाशी बाजार पहुंची। यहां लोगों ने भव्य स्वागत किया। यहां से डोली विश्वनाथ मंदिर पहुंची और मंदिर की एक परिक्रमा की।
इसके बाद पुजारी शशिधर लिंग पुजारी ने बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति की पूजा कर आरती की। वहीं केदारनाथ मंदिर के रावल भीमाशंकर लिंग ने बताया कि केदारनाथ की डोली प्रात: 11.30 बजे गुप्तकाशी से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी।
यहां विशेष पूजा के बाद बाबा की पंचमुखी भोग मूर्ति को शीतकालीन गद्दी स्थल स्थित गर्भगृृह में विराजमान किया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान मदन अग्रवाल, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, डा. आशुतोष किमोठी, बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा, राजकुमार नौटियाल, डोली प्रभारी वाईएस पुष्पवाण और वीरेंद्र असवाल आदि मौजूद थे।