सोनिया के 'अजीज' ने जपा मोदी का राग
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उत्तराखंड स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में राज्यपाल अजीज कुरैशी ने सरकार और विपक्ष से बड़ा सवाल किया है।
उन्होंने नेताओं से पूछा है कि आखिर राज्य गठन के 14 साल बाद भी उत्तराखंड बुनियादी विकास के लिए क्यों तरस रहा है? वह भी तब, जबकि यह प्रदेश बना ही पहाड़ के विकास की अवधारणा पर बना। हालांकि, इसका जवाब भी राज्यपाल के पास है।
अजीज कुरैशी ने नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से सीख लेने की नसीहत भी दी। वह मानते हैं कि उत्तराखंड में राजनेताओं के बीच चलने वाले विवाद इसकी बड़ी वजह हैं।
उन्होंने राजनेताओं को मतभेद भुला विकास के लिए एकजुट होने की नसीहत दी है। सरकार और विपक्ष को भी साथ आने की अपील की है।
रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में राज्यपाल कुरैशी एक बार फिर राजनेताओं को सबक सिखाने से नहीं चूके। इस बार उनके निशाने पर प्रदेश सरकार और विपक्ष रहे। राज्यपाल ने कहा कि 14 साल में प्रदेश को आठ मुख्यमंत्री मिल चुके हैं, चार सरकारें बनी हैं।
बुनियादी सुविधाओं से महरूम उत्तराखंड
सभी मुख्यमंत्रियों का मकसद विकास ही रहा, इसके बावजूद आज भी पहाड़ की करीब 70 फीसदी आबादी शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार और विपक्ष का अंतिम लक्ष्य जनता का विकास ही है, लिहाजा दोनों को विकास के मसलों पर साथ आकर काम करना चाहिए।
राजनीति को जंग का मैदान बनाने से किसी को लाभ नहीं होने वाला। उन्होंने सरकार और विपक्ष को मर्यादा में रहकर काम करने की सीख भी दी।
कड़वे शब्द सिर्फ चुनाव तक
राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अकसर एक-दूसरे पर सवाल उठाते हैं। प्रचार के दौरान कई बार कड़वे शब्दों का प्रयोग भी किया जाता है।
लेकिन चुनाव के बाद हर नेता को ऐसे शब्द भूल जाने चाहिए। इसके बाद उसका मकसद सिर्फ प्रदेश का विकास होना चाहिए।
पीएम मोदी से लें सीख
पुलिस लाइन में आयोजिल एक समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी ने उत्तराखंड के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से सीख लेने की नसीहत भी दी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालते ही मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ मॉडल दिया है।
जिसके तहत वह देश की 125 करोड़ आबादी को साथ लेकर विकास की राह पर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजनेता भी सारे मतभेद, विवाद भुला इसी तरह काम करें।
पलायन पर बने ठोस नीति
राज्यपाल ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में तेजी से बढ़ते पलायन पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विपक्ष से मिलकर इसे रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना, नीति बनाने की अपील की।
कहा कि पहाड़ पर ही ऐसी सुविधाएं मिलें कि ग्रामीण शहर की ओर आने की सोचें ही नहीं।
आपको बता दें कि कांग्रेस के शासन काल में अजीज कुरैशी को उत्तराखंड के राज्यपाल का पद सौंपा गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की सेवा करने के इनाम के रूप में उन्हें यह पद मिला है।