फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ayushman became a lifeline for 17 lakh patients in the state.

Dehradun News: प्रदेश में 17 लाख मरीजों के लिए आयुष्मान बनीं संजीवनी

Wed, 21 Jan 2026 07:46 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 07:46 PM IST
विज्ञापन
Ayushman became a lifeline for 17 lakh patients in the state.
-अब तक उपचार पर 3400 करोड़ से अधिक की राशि की जा चुकी है खर्च
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में अटल आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों को इस योजना के तहत निशुल्क इलाज मिल चुका है, जबकि जरूरतमंदों के उपचार पर 3400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
राज्य सरकार ने 25 दिसंबर 2018 को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समान राज्य अटल आयुष्मान योजना लागू की थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख तक का निशुल्क इलाज की सुविधा है। प्रदेश में अब तक करीब 61 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना का सबसे बड़ा लाभ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें महंगे इलाज के कारण अकसर उपचार से वंचित रहना पड़ता था।
विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि जिन परिवारों में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग हैं, उन्हें परिवार के पांच लाख के कवर के अतिरिक्त बुजुर्गों के लिए अलग से पांच लाख तक निशुल्क उपचार सुविधा दी जा रही है। उत्तराखंड में 279 सरकारी और 222 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध हैं, जबकि देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अस्पताल की ओर से आयुष्मान इलाज के दौरान मरीज से भुगतान की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत प्राधिकरण में की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

......
महंगे इलाज भी निशुल्क
अटल आयुष्मान योजना में डायलिसिस, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, नेत्र रोग और जोड़ों के प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज आयुष्मान के माध्यम से निशुल्क कराए जा रहे हैं। डायलिसिस के 2.67 लाख से अधिक मामलों में 177 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। हृदय रोगों के इलाज में 39 हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिला, जिस पर 345 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय हुई। कैंसर के 79 हजार से ज्यादा मरीजों का कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी के माध्यम से इलाज किया गया। इस पर 221 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। इसके अलावा न्यूरो सर्जरी के 11 हजार से अधिक मामलों में करीब 59 करोड़ रुपये, नेत्र रोगों की सर्जरी में 119 करोड़ रुपये, प्रसूति एवं स्त्री रोग उपचार में 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed