इस बार अर्द्धकुंभ पर होंगे 12 स्नान, ये हैं शुभ तिथियां
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अगले वर्ष हरिद्वार में पड़ रहे अर्द्धकुंभ पर 12 स्नान होंगे। हरकी पैड़ी की धार्मिक संस्था गंगा सभा की विद्वत परिषद ने इन स्नानों की घोषणा की है।
स्नान फरवरी में प्रारंभ होंगे और मई तक चलते रहेंगे। अर्द्धकुंभ का मुख्य स्नान 14 अप्रैल को होगा, जब भगवान भास्कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। शासकीय दृष्टि से अर्द्धकुंभ मेला काल एक जनवरी से शुरू हो जाएगा।
गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा तथा महामंत्री रामकुमार मिश्रा की उपस्थिति में विद्वत परिषद के प्रमुख साहित्य पुराणाचार्य डॉ. संजीव शास्त्री ने स्नान तिथियों की घोषणा की।
इन तारीखों पर होंगे स्नान
पहला अर्द्धकुंभ स्नान 12 फरवरी शुक्रवार को वसंत पंचमी के दिन होगा। दूसरा स्नान माघ पूर्णिमा के दिन 22 फरवरी को पड़ेगा। महाशिवरात्रि का तीसरा और महत्वपूर्ण स्नान सात मार्च को होगा। संभावना है कि इस बार इस स्नान पर नई परंपरा की शुरुआत करते हुए साधु-संत भी स्नान करेंगे।
चौथा स्नान चैत्र अमावस्या का होगा तथा सात अप्रैल को पड़ेगा। पांचवां स्नान चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नव संवत्सर के दिन आठ अप्रैल को होगा। अर्द्धकुंभ का मुख्य स्नान पर्व 14 अप्रैल को है, स्नान क्रम में यह छठा स्नान होगा।
रामनवमी 15 अप्रैल को सातवां, चैत्र पूर्णिमा 22 अप्रैल को आठवां, वैशाख अमावस्या छह फरवरी को नौवां, अक्षय तृतीया नौ मई को 10वां, गंगा सप्तमी 13 मई को 11वां तथा वैशाख पूर्णिमा 21 मई को 12वां स्नान आयोजित किया जाएगा। सभी स्नान पर्वों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा मैया में डुबकी लगाएंगे।