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बेनामी संपत्ति पर रोक के लिए अगस्त तक नया कानून लाएगी सरकार, सीएम ने विधेयक बनाने के दिए निर्देश

Tue, 23 Jul 2019 09:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 23 Jul 2019 09:25 AM IST
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Anonymous property Law will Applicable in uttarakhand till august 2019
- फोटो : फाइल फोटो

बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार अगस्त तक नया कानून लेकर आएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक अधिकारियों को नया विधेयक तैयार करने का आदेश दे दिया है।

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सीएम का यह भी कहना है कि पुराने कानूनों को भी सरकार देखेगी। सरकार ने पाया है कि कांग्रेस ने पुराने कानून को एक तरह से समाप्त ही कर दिया था। सचिवालय मेें मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस अधिनियम को अधिक कारगर और सख्त बनाएगी। 
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रविवार को ही मुख्यमंत्री ने बेनामी संपत्ति पर नया कानून लेकर आने का एलान किया था। विपक्ष ने इसे हिलटॉप सहित अन्य मामलों से ध्यान हटाने वाला करार दिया था। सोमवार को स्थिति स्पष्ट कर सीएम ने एक तरह से विपक्ष को भी जवाब दिया। उल्लेखनीय है कि बेनामी संपत्ति पर रोक के लिए 2016 में कांग्रेस सरकार विधेयक लेकर आई थी।
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सदन में यह विधेयक पारित भी हो गया था। उस समय भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर बेनामी संपत्ति के कानून को शिथिल करने का आरोप भी जड़ा था। कांग्रेस ने बेनामी संपत्ति का मामला सामने आने पर सजा का प्रावधान एक्ट में किया था।  

प्रदेश को जरूरत है सख्त कानून की
एसएस पांगती के मुताबिक प्रदेश को सख्त कानून की जरूरत है। सबसे बड़ी बात यह है कि बेनामी संपत्ति के जरिए सीलिंग अधिनियम को भी दरकिनार कर दिया जाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार को दोहरा नुकसान  होता है। एक तरफ उसे विकास कार्य के लिए भूमि नहीं मिल पाती तो दूसरी तरफ राजस्व भी नहीं मिलता। 

गैरसैंण और बेरीनाग के मामले भी करते हैं इसी ओर इशारा
प्रदेश सरकार ने हाल ही में गैरसैंण में भूमि की खरीद पर रोक लगाई थी। यह पाया था कि गैरसैंण में भी मुख्तारनामे के आधार पर जमीन की बिक्री हो रही है। स्टांप पेपर पर जमीन की खरीद होने के कारण कई मामले कोर्ट कचहरियों तक जा पहुंचे थे। इसी तरह बेरीनाग और चौकोड़ी में भी यह मामले सामने आए। यहां भी पॉवर ऑफ अटार्नी के आधार पर जमीन खरीदी और बेची गई। 

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