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नकरौंदा कांडः परिवार ने ली पुलिस की परीक्षा
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 29 Sep 2014 09:49 AM IST
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नकरौंदा कांड के खुलासे के बाद पुलिस को थपलियाल परिवार की अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा। पुलिस के दावे की सच्चाई जानने के लिए परिवार ने पकड़े आरोपी नदीम से डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब किए।
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परीक्षा से छूटे पुलिस के पसीने
इस परीक्षा ने पुलिस को भी पसीने दिला दिए थे। उन्होंने कई महिलाओं को खड़ा नदीम से गृह स्वामिनी को पहचाने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं बता पाया। संतुष्टि के लिए परिवार को बिजनौर ले जाकर पकड़े गए बदमाश से भी बात कराई गई।
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घटना के खुलासे के साथ सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र सिंह थपलियाल के परिवार को संतुष्ट करने की चुनौती भी पुलिस के सामने थी। एसएसपी अजय रौतेला, एसपी सिटी अजय सिंह आरोपी नदीम को लेकर थपलियाल के आवास पर गए थे।
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परिवार ने पड़ोसी महिलाओं को मुंह पर कपड़ा बांधकर खड़ा कर दिया और नदीम से पूछा कि बताओ गृह स्वामिनी कौन है। लेकिन वह चुप्पी साधे रहा। पुलिस के कहने पर महिलाओं के चेहरों से कपड़े हटाए गए तो नदीम ने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया। पूछा गया कि घटना के समय परिवार के सदस्यों ने किस रंग के कपड़े पहने थे।
कौन सदस्य कहां खड़ा था। अंकित को कैसे मारा गया। सवाल पर सवाल से पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए थे। डेढ़ घंटे की परीक्षा के बाद भी थपलियाल परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं था। इसके बाद पुलिस परिवार को बिजनौर भी ले गई, जहां पर शहजाद से उनकी बात कराई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक डा. मदन सिंह नेगी का कहना था कि परिवार के लौटने के बाद यह साफ हो पाएगा कि परिवार खुलासे से कितना संतुष्ट हुआ है।
चार बदमाश और कुछ सवाल बाकी
नकरौंदा कांड में फरार चल रहे चार बदमाशों के अलावा पुलिस को कुछ सवालों के भी जवाब तलाशने हैं। मसलन घटना में छह बदमाश शामिल थे या सात।
खुखरी फैक्ट्री के पास खून के निशान किसके थे। वारदात के लिए सुरेंद्र थपलियाल का मकान ऐन मौके पर चुना गया या पहले से योजना तैयार हो चुकी थी। पुलिस के पास फिलहाल इस सवाल का जवाब भी नहीं है।
पुलिस की गिरफ्त में आया नदीम भी इन सवालों का जवाब नहीं दे पाया। उसका कहना था कि डंडा लगने के बाद वह घर से बाहर आया गया था। नदीम ने दावा किया बिजनौर में पकड़ा गया शहजाद तो घटना में शामिल था, लेकिन अनीस उनके साथ नहीं था। वह बार-बार कहता रहा है कि वह डोईवाला से सटे इस इलाके से परिचित नहीं था।
अखलाक ही उन्हें यहां लाया था। जबकि, पुलिस का कहना है कि नदीम इस इलाके में रहकर एक साल तक कारपेंटर का काम कर चुका है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डीजीपी भी गिरोह को लेकर पूरी तरह अपडेट नजर नहीं आए। कभी कहते रहे कि घटना में छह बदमाश शामिल थे।
फिर कहा कि साजिश में एक अन्य बदमाश का नाम भी आ रहा है, जो घटनास्थल पर नहीं आया था। हालांकि डीजीपी उसका नाम नहीं बता सके। सवालों पर सिर्फ इतना कहा कि फरार बदमाशों के हाथ आने की बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
कहां है लूट का माल
देहरादून। सहायक कृषि अधिकारी और उनके घर में किराये पर रहने वाले एलआईयू के सिपाही रघुबीर के घर से लूटा गया एक भी जेवर पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस का दावा है कि लूटे गए 18 हजार रुपये में से 14250 रुपये नदीम के पास बरामद हुए हैं।