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निर्दलीय लड़कर देख लो, मुगालता हो जाएगा दूर: अमित शाह
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 20 Sep 2017 11:48 AM IST
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amit shah
रसूखदार मंत्री हों या भारी बहुमत से जीते पार्टी के विधायक। राष्ट्रीय अध्यक्ष की क्लास में सब एक आज्ञाकारी शिक्षक की तरह दिखे और शाह एक कड़क प्रिंसिपल के अंदाज में नजर आए।
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दिन भर के हैक्टिक शेड्यूल के बाद रात साढ़े दस बजे हुई मंगलवार की इस अंतिम बैठक का कुछ यही आलम था। संगठन को सर्वोपरि बताते हुए शाह ने अपने चिर-परिचित कड़क अंदाज में यह नसीहत दे डाली कि अगर किसी को लगता है कि वह संगठन से ऊपर है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर देख ले, मुगालता दूर हो जाएगा।
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देर रात मुख्यमंत्री आवास पर राज्य के पांचों सांसदों के अलावा सभी मंत्रियों-विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। वैसे तो बैठक का वक्त नौ बजे था, मगर लगातार कार्यक्रमों के चलते यह बैठक रात साढ़े दस बजे शुरू हो सकी। बिना लाग-लपेट के अमित शाह ने मौजूद सभी लोगों को सीधे शब्दों में कहा कि संगठन से सरकार है, न कि सरकार से संगठन।
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यदि किसी को लगता है कि वह संगठन से ऊपर है तो वह गलतफहमी पाले है। उन्होंने पूर्णकालिक विस्तारकों को सहयोग न किए जाने वालों को साफ शब्दों में संदेश दिया कि इस प्रकार की शिकायत आएगी, तो क्षम्य नहीं होगी।
इसके बाद उन्होंने मौजूद विधायकों से उनके क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपनी बात रखने का अवसर दिया, लेकिन एक भी विधायक इसके लिए आगे नहीं आया। उन्होंने सभी को अपने विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस रखने की नसीहत दी। यह भी कहा कि क्षेत्र के मुद्दों को गंभीरता से लें और उस पर आवश्यक कार्रवाई करें। एसी हॉल में करीब बीस मिनट तक चली इस बैठक में तमाम को पसीने आते रहे।