फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   amarnath yatra on terrorist target

श्रीनगर से लौटे श्रद्घालुओं ने कहा दहशतगर्दों के निशाने पर ‘अमरनाथ यात्रा’ 

Wed, 13 Jul 2016 08:38 AM IST
निशांत खनी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
निशांत खनी/ अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 13 Jul 2016 08:38 AM IST
विज्ञापन
amarnath yatra on terrorist target
अमरनाथ यात्रा - फोटो : PTI

अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की वापसी शुरू हो गई। उत्तराखंड कुमाऊं के कई श्रद्धालु गरीब रथ से अपने घर सकुशल लौट आए हैं।

विज्ञापन


अधिकांश श्रद्धालु अब भी श्रीनगर और अमरनाथ यात्रा के अलग-अलग पड़ावों में फंसे हैं। हल्द्वानी लौटे श्रद्धालुओं के मुताबिक श्रीनगर के हालात बेकाबू हैं। उपद्रवी अमरनाथ यात्रा के बैनर वाले वाहनों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं। लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर दहशतगर्दों का खौफ साफ झलक रहा था।
विज्ञापन


सोमवार को गरीब रथ से लौटे हल्द्वानी के श्रद्धालुओं के मुताबिक वे जैसे-तैसे जान बचाकर श्रीनगर से निकल पाए। जम्मू पहुंचने पर सांस में सांस लौटी। कर्फ्यू के बाद श्रीनगर में होटल, रेस्त्रां बंद हैं। बस अड्डों, एयरपोर्ट और टैक्सी स्टैंडों में श्रद्धालु शरणार्थियों की तरह रहने को मजबूर हैं। भोजन-पानी नहीं है। टैक्सी वाले श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। आमतौर पर श्रीनगर से जम्मू तक टैक्सी बुकिंग का किराया सात से आठ हजार रुपए है, लेकिन आजकल टैक्सी वाले 12 से 15 हजार रुपए वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हल्द्वानी लौटे आलोक उप्रेती के मुताबिक श्रीनगर से जम्मू के बीच टैक्सियों का संचालन भी बाधित हुआ है। जो टैक्सी चालक जम्मू के हैं और श्रीनगर में फंसे हैं वही श्रद्धालुओं को जम्मू ला रहे हैं। आलोक के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के लिए देशभर से पहुंचे कई जत्थे वाहनों में श्रीनगर और आसपास इलाकों में अटके हैं। जिन वाहनों में अमरनाथ यात्रा लिखा है, उपद्रवी उन्हें ही निशाना बना रहे हैं।

व्यापारी नेता पंकज कपूर के मुताबिक सोमवार को गरीब रथ ट्रेन खाली थी। आमतौर पर ट्रेन पूरी पैक रहती है। रिजर्वेशन कराने वाले अधिकांश श्रद्धालु रास्तों में फंसे होने से जम्मू स्टेशन तक नहीं पहुंच पाए।

हल्द्वानी के सात युवा पहलगाम में फंसे

amarnath yatra on terrorist target
amarnath yatra - फोटो : Amar Ujala

हल्द्वानी के सात युवा नौ जुलाई की शाम से पहलगाम बेस कैंप में फंसे हुए हैं। हालात असामान्य होने के कारण उन्हें सुरक्षाबलों की हिफाजत में वहां रोका गया है। सुरक्षा बलों ने उन्हें जल्द वहां से सुरक्षित निकालने का आश्वासन दिया है।

हल्द्वानी के कठघरिया निवासी युवा व्यापारी ललित तिवारी, देवेंद्र सिंह बिष्ट, दिनेश भट्ट, कुलदीप सिंह, हनी सिंह, ललित जोशी और कमल कांडपाल पांच जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए थे।

इसी दौरान आठ जुलाई को सुरक्षा बलों ने आतंकी बुरहान को मार गिराया, जिसके बाद घाटी में हिंसा भड़क उठी। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर तीर्थयात्रियों को जहां-तहां रोक दिया गया। तब से यह सातों युवा भी वहीं हैं। फोन पर ललित तिवारी ने बताया कि नौ जुलाई को बाबा के दर्शन के बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें पहलगाम बेस कैंप में ठहरा दिया। उन्होंने बताया कि कैंप में खाने-पीने या ठहरने की कोई दिक्कत नहीं है। उनके साथ गए छह अन्य युवा भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
 
ललित तिवारी ने बताया कि रविवार शाम सुरक्षा बलों ने करीब तीन सौ वाहनों को सुरक्षित निकाला है। उन्हें भी जल्द ही सुरक्षित निकालने का आश्वासन मिला है। युवाओं ने कहा कि परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो रहे हैं। हालांकि कैंप में वह मजबूत सुरक्षा घेरे में पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि वह बालटाल के रास्ते यात्रा करना चाहते थे लेकिन हालात खराब होने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने वहां ना जाने का फैसला किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed