फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Almora: Muslim Girl Roshan Bano change Her religion and become Hindu Conversion Shocking reason

Almora: रोशन बानो बनी रोशनी...धर्म परिवर्तन की बताई हैरान कर देने वाली वजह, आंखों से छलक पड़े आंसू

Fri, 17 Feb 2023 09:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रानीखेत(अल्मोड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रानीखेत(अल्मोड़ा) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 17 Feb 2023 09:42 PM IST
सार

चार साल से वह अपने परिजनों की प्रताड़ना सह रही थी। केवल पैसों के लिए उसका उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में उन्होंने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया है और वह सम्मान के साथ जीवन बिताने की कोशिश में जुटी हैं।

विज्ञापन
Almora: Muslim Girl Roshan Bano change Her religion and become Hindu Conversion Shocking reason
रोशन बानो बनी रोशनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के रानीखेत में रोशन बानो से रोशनी बनी नर्स ने धर्म परिवर्तन की वजह परिजनों की प्रताड़ना बताया है। हालांकि परिजन बेटी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं और उनका कहना है कि इसके पीछे कोई और है। रोशनी की बातों पर यकीन करें तो उन्हें अपनों से ही दर्द मिला।

विज्ञापन


Roorkee: बरातियों ने शादी के रंग में डाला भंग, मारपीट और पथराव के बाद दुल्हन की हुई ऐसी विदाई...हर जगह चर्चा
विज्ञापन


चार साल से वह अपने परिजनों की प्रताड़ना सह रही थी। केवल पैसों के लिए उसका उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में उन्होंने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया है और वह सम्मान के साथ जीवन बिताने की कोशिश में जुटी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोशनी ने संवाद न्यूज एजेंसी के साथ अपना दर्द साझा किया। इस दौरान उनकी आंसू छलक पड़े। कहा कि उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की और वर्ष 2017 में नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में स्टाफ नर्स के पद पर उन्हें तैनाती पाई। रकम जमा कर उन्होंने हल्द्वानी के काठगोदाम में एक घर खरीदा तो यह बात परिजनों को खटक गई।

आए दिन मारपीट करते थे परिजन
उसके परिजन भाई साजिद के नाम पर रजिस्ट्री करने का दबाव बनाने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनका उत्पीड़न शुरू हुआ। परिजन उसके साथ आए दिन मारपीट करते थे और भाई उसे जान से मारने की धमकी देता था। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार से सभी रिश्ते तोड़ने का फैसला लिया और 24 दिसंबर 2022 को हल्द्वानी स्थित आर्य समाज मंदिर में सनातन धर्म अपनाया। कहा उन्होंने ऐसा कदम किसी के दबाव में नहीं बल्कि परिवार के उत्पीड़न से तंग आकर लिया।

कहा जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं होता उस घर से किनारा करना ही सही है। वहीं इस बारे में रोशनी के पिता बसीर अहमद ने साफ तौर पर कहा कि बेटी के सभी आरोप निराधार हैं। कहा मैंने पूरी जिम्मेदारी से बेटी को पढ़ाया और बरेली से जीएनएम कराते हुए उसे अपने पैरों पर खड़ा किया। हल्द्वानी में मकान भी दिलवाया। बेटे के नाम पर मकान की रजिस्ट्री करने के दबाव का आरोप गलत है। हमें लगता है कि इसके पीछे उसे कोई भड़का रहा है, जिसका पता लगाने की वह कोशिश कर रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती थीं रोशनी
रोशनी ने कहा उनका बचपन से प्रशासनिक सेवा में जाना सपना था, जिसके लिए वह तैयारी में जुटीं थीं। वह छोटी बहन के साथ घर की भी पूरी जिम्मेदारी संभाल रहीं थीं। लेकिन परिजनों ने उनका साथ नहीं दिया। उनका मानना था कि यदि उनकी प्रशासनिक सेवा में तैनाती हो गई तो उन्हें उनसे पैसा नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें अपने सपने को तोड़ना पड़ा।

प्रशासन का जताया आभार
रोशनी ने रानीखेत पुलिस व प्रशासन का आभार जताया है। उन्होंने कहा जब उन्होंने सनातन धर्म अपनाया तो उन्हें परिजनों से लगातार धमकियां मिल रहीं थीं। ऐसे में उन्हें पुलिस प प्रशासन का पूरा सहयोग मिला और वह फिर से अपने जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed