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जमीन फर्जीवाड़े में हरक सिंह की बढ़ सकती है मुश्किल

Mon, 18 Apr 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Apr 2016 10:58 PM IST
सार

  • पूर्व दर्जामंत्री नेगी का करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप
  • निशंक के करीबी माने जाते हैं रघुनाथ सिंह

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allegation of fraud on harak singh rawat
हरक सिंह रावत - फोटो : RajivGupta/AmarUjala

विस्तार

जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री रघुनाथ सिंह नेगी ने शंकरपुर जमीन फर्जीवाड़े में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि हरक पर कार्रवाई करने में प्रशासन और पुलिस दबाव पर रहता है।

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निशंक के करीबी हैं रघुनाथ सिंह
ऐसे समय में जबकि राष्ट्रपति शासन है, पुलिस प्रशासन चाहे तो निष्पक्ष कार्रवाई कर सकती है। दावा किया कि हरक के खिलाफ कार्रवाई अभी नहीं तो कभी नहीं हो सकती है। रघुनाथ नेगी कांग्रेस के बागी हरक के चिर प्रतिद्वंद्वी पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के करीबी माने जाते हैं।
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राज्य में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही नेताओं के पुराने विवाद भी बाहर निकल रहे हैं। इस बार जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने सोमवार को गढ़वाल परिक्षेत्र के आईजी और एसआईटी प्रभारी संजय गुंज्याल से मिलकर शंकरपुर जमीन फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है।

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फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी बना महिला से जमीन हड़पने का आरोप

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हरक सिंह रावत - फोटो : ANI

आईजी को दिए ज्ञापन में नेगी ने बताया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन राजस्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने पद का दुरुपयोग कर शंकरपुर (सहसपुर) में सुशीला रानी नाम की महिला की लगभग 107 बीघा भूमि फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए हड़पी थी।

हरक ने फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी बनाकर भूमि अपने रिश्तेदारों के नाम करा दी। नेगी ने बताया डीएम की ओर से कराई गई जांच में सुशीला रानी की मृत्यु वर्ष 1974 में होना दर्शाया गया है।

प्रशासन ने इन सभी दस्तावेजों को संदिग्ध माना है। शासकीय अधिवक्ता ने भी कब्जेदारों की बेदखली के लिए फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का सुझाव दिया था।

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