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अजय भटेजा मौत प्रकरण : षड्यंत्र का फंदा खुला तो खोलेगा मसूरी से जाखन तक के राज
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Iपुलिस मान रही है कि आत्महत्या का रूप देने के लिए जल्दबाजी में पंखे से बांधा गया है फंदा
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Iशनिवार की रात मसूरी और रविवार की रात जाखन के घर में क्या हुआ ये सब जांच के अहम बिंदुI
Iअजय भटेजा के घर पर पंखे से बंधा फंदा ही इस कहानी में शक की सबसे बड़ी वजह है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इतना तो साफ हो गया कि भटेजा इस फंदे से नहीं लटके थे। ऐसे में यह फंदा एक सोचे समझे षड्यंत्र के तहत ही बांधा गया था।I
Iषड्यंत्र का यह फंदा खुला तो मसूरी से लेकर जाखन तक के सभी राज खुल जाएंगे। शुरुआती पड़ताल में पुलिस भी मान रही है कि जो कुछ भी उस रात भटेजा के मकान में हुआ उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए ही यह फंदा पंखे से बांधा गया था। इसके अलावा भी कई और सवाल इस कहानी में हैं, जिनके पुलिस जवाब खोजने का प्रयास कर रही है। भटेजा के पारिवारिक सदस्यों की मानें तो कुछ समय पहले सन्नी के साथ उनका मनमुटाव भी रहा था। कुछ समय तक अजय भटेजा के पिता, सन्नी व परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ रहते थे, लेकिन विधवा से शादी करने व अन्य मनमुटाव के चलते सन्नी समेत परिवार के ये सदस्य यहां से चले गए।I
Iवर्तमान में वे सब सहारनपुर में रह रहे हैं। सन्नी से कुछ समय पहले ही भटेजा के संबंध सामान्य हुए थे। काफी समय से दोनों एक दूसरे से मिलते-जुलते थे और कई बार बाहर भी गए थे। भटेजा की मौत से पहले शनिवार रात भी सन्नी देहरादून आया था। वह अपने साथियों के साथ अजय भटेजा को लेकर मसूरी गया था। वहां से लौटकर आए तो युवक और युवती ही भटेजा के साथ घर के अंदर गए। जबकि, सन्नी बाहर खड़ा हुआ था। एसपी सिटी प्रमोद कुमार का कहना है कि सन्नी ने अपने बयानों में इस बात का जिक्र किया है। उसने बताया है कि वह जब बाहर खड़ा था तो अजय भटेजा ने उसे अंदर बुलाया था, लेकिन, वह अंदर नहीं गया।
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Iऐसे में जब उसके साथी युवक और युवती दोनों अंदर थे तो सिर्फ सन्नी ही बाहर क्यों खड़ा हुआ था। इसके बाद सन्नी का यह भी कहना है कि वह यहां से अपने बीमार परिचित को देखने के लिए मैक्स अस्पताल चला गया था। सवाल यहां भी खड़ा होता है कि वह भटेजा को घर पर ड्रॉप करने के बाद तत्काल ही मैक्स अस्पताल क्यों नहीं चला गया? वहां काफी देर तक रुकने का क्या मतलब हो सकता है? क्या यह सब वही षड्यंत्र है जिसका एक हिस्सा घर के पंखे से लटका फंदा भी है? I
Iफोरेंसिक टीम ने भी पंखे, फंदे और अन्य वस्तुओं से उंगलियों के निशान ढूंढने की कोशिश की है। इन्हीं के बल पर अब फंदे का भी राज खुल सकता है। क्या वाकई यह फंदा भटेजा की मौत को आत्महत्या का रूप देने के लिए बांधा गया था। आखिर इन युवक और युवती ने भटेजा के साथ ऐसा क्या कि उनकी मौत हो गई और मौत का कारण भी नहीं पता चला।I
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Iशनिवार की रात मसूरी और रविवार की रात जाखन के घर में क्या हुआ ये सब जांच के अहम बिंदुI
Iअजय भटेजा के घर पर पंखे से बंधा फंदा ही इस कहानी में शक की सबसे बड़ी वजह है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इतना तो साफ हो गया कि भटेजा इस फंदे से नहीं लटके थे। ऐसे में यह फंदा एक सोचे समझे षड्यंत्र के तहत ही बांधा गया था।I
Iषड्यंत्र का यह फंदा खुला तो मसूरी से लेकर जाखन तक के सभी राज खुल जाएंगे। शुरुआती पड़ताल में पुलिस भी मान रही है कि जो कुछ भी उस रात भटेजा के मकान में हुआ उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए ही यह फंदा पंखे से बांधा गया था। इसके अलावा भी कई और सवाल इस कहानी में हैं, जिनके पुलिस जवाब खोजने का प्रयास कर रही है। भटेजा के पारिवारिक सदस्यों की मानें तो कुछ समय पहले सन्नी के साथ उनका मनमुटाव भी रहा था। कुछ समय तक अजय भटेजा के पिता, सन्नी व परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ रहते थे, लेकिन विधवा से शादी करने व अन्य मनमुटाव के चलते सन्नी समेत परिवार के ये सदस्य यहां से चले गए।I
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Iवर्तमान में वे सब सहारनपुर में रह रहे हैं। सन्नी से कुछ समय पहले ही भटेजा के संबंध सामान्य हुए थे। काफी समय से दोनों एक दूसरे से मिलते-जुलते थे और कई बार बाहर भी गए थे। भटेजा की मौत से पहले शनिवार रात भी सन्नी देहरादून आया था। वह अपने साथियों के साथ अजय भटेजा को लेकर मसूरी गया था। वहां से लौटकर आए तो युवक और युवती ही भटेजा के साथ घर के अंदर गए। जबकि, सन्नी बाहर खड़ा हुआ था। एसपी सिटी प्रमोद कुमार का कहना है कि सन्नी ने अपने बयानों में इस बात का जिक्र किया है। उसने बताया है कि वह जब बाहर खड़ा था तो अजय भटेजा ने उसे अंदर बुलाया था, लेकिन, वह अंदर नहीं गया।
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Iऐसे में जब उसके साथी युवक और युवती दोनों अंदर थे तो सिर्फ सन्नी ही बाहर क्यों खड़ा हुआ था। इसके बाद सन्नी का यह भी कहना है कि वह यहां से अपने बीमार परिचित को देखने के लिए मैक्स अस्पताल चला गया था। सवाल यहां भी खड़ा होता है कि वह भटेजा को घर पर ड्रॉप करने के बाद तत्काल ही मैक्स अस्पताल क्यों नहीं चला गया? वहां काफी देर तक रुकने का क्या मतलब हो सकता है? क्या यह सब वही षड्यंत्र है जिसका एक हिस्सा घर के पंखे से लटका फंदा भी है? I
Iफोरेंसिक टीम ने भी पंखे, फंदे और अन्य वस्तुओं से उंगलियों के निशान ढूंढने की कोशिश की है। इन्हीं के बल पर अब फंदे का भी राज खुल सकता है। क्या वाकई यह फंदा भटेजा की मौत को आत्महत्या का रूप देने के लिए बांधा गया था। आखिर इन युवक और युवती ने भटेजा के साथ ऐसा क्या कि उनकी मौत हो गई और मौत का कारण भी नहीं पता चला।I