फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   AICC General Secretary Harish Rawat give resignation from his post after rahul gandhi 

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने पद से दिया इस्तीफा,चुनाव में हार की जिम्मेदारी स्वीकारी

Fri, 05 Jul 2019 10:17 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 05 Jul 2019 10:17 AM IST
विज्ञापन
AICC General Secretary Harish Rawat give resignation from his post after rahul gandhi 
- फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। असम राज्य के प्रभारी के रूप में रावत ने लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी हार की जिम्मेदारी ली है।

विज्ञापन


 रावत के इस कदम से उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल देखी जा रही है। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उत्तराखंड से लेकर केंद्रीय स्तर तक कांग्रेस में बेचैनी का माहौल है। राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद कांग्रेस अगला कदम तय नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन


केंद्र में पार्टी नेतृत्व को लेकर जो असमंजस है, उसकी छाया उत्तराखंड कांग्रेस पर भी दिखाई दे रही है। बुधवार को राहुल गांधी ने औपचारिक तौर पर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया तो इसकी प्रतिक्रिया उत्तराखंड कांग्रेस में हरीश रावत के इस्तीफे के रूप में सामने आई। उन्होंने राहुल के समर्थन में इस्तीफा देने में जरा भी सोच विचार नहीं किया। अपने इस्तीफे की सूचना उन्होंने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट के माध्यम से दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानिए उनका राजनीतिक जीवन

पहले उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर ट्वीट किया और उसके बाद फेसबुक पर पोस्ट डाली। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार एवं संगठनात्मक कमजोरी के लिए हम सभी पदाधिकारी उत्तरदायी हैं।

असम लोकसभा चुनाव में पार्टी का अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के लिए प्रभारी के रूप में मैं भी उत्तरदायी हूं। मैंने अपनी कमी को स्वीकार करते हुए राष्ट्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र दे दिया है।

पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने के लिए मेरी स्थिति के लोगों के लिए पद आवश्यक नहीं है। मगर प्रेरणा देने वाला नेता आवश्यक है। प्रेरणा देने की क्षमता केवल राहुल गांधी में है।

उनके हाथ में बागडोर रहे तो यह संभव है कि हम 2022 में राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में वर्तमान स्थिति को बदल सकते हैं और 2024 में भाजपा और मोदी को परास्त कर सकते हैं। सभी राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं।’ 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed