फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   After Swami sanand death saint Gopaldas on Hunger strike in matri sadan 

स्वामी सानंद के बाद अब गंगा के लिए बलिदान की राह पर संत गोपालदास, मातृसदन में अनशन पर बैठे

Sat, 13 Oct 2018 08:49 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 13 Oct 2018 08:49 AM IST
विज्ञापन
After Swami sanand death saint Gopaldas on Hunger strike in matri sadan 
अनशन पर बैठे संत गोपालदास

गंगा की अविरलता की मांगों को लेकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के देहावसान के बाद एक और संत बलिदान देने की राह पर बढ़ गए हैं। गुहाना हरियाणा के रहने वाले संत गोपालदास पिछले 111 दिनों से उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर अनशन कर रहे थे।

विज्ञापन


शुक्रवार को वह जल पुरुष राजेंद्र सिंह के साथ हरिद्वार पहुंचे। अब वह यहां मातृसदन में ही रहकर अनशन करेंगे। स्वामी सानंद का आमरण अनशन के 112वें दिन बृहस्पतिवार को ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में देहावसान हो गया था।
विज्ञापन


स्वामी सानंद की मौत को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच एक और गंगा भक्त संत शुक्रवार को मातृसदन पहुंचे।  जलपुरुष राजेंद्र सिंह और जानेमाने पर्यावरणविद रवि चोपड़ा के साथ आए संत गोपालदास ने बताया कि वह भी गंगा की रक्षा के लिए पिछले 111 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

तीन दिन पहले से वे जल भी त्याग चुके

पहले उन्होंने बदरीनाथ, जोशीमठ और फिर ऋषिकेश में आमरण अनशन किया। अनशन की शुरूआत उन्होंने 24 जून को की थी। तीन दिन पहले से वे जल भी त्याग चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका अनशन स्वामी सानंद के अनशन के समर्थन में है और अब वह मातृसदन में ही रहकर उसी कमरे में अनशन करेंगे जहां स्वामी सानंद ने अनशन किया था। 

 स्वामी शिवानंद, जल पुरुष रोजेंद्र सिंह, पर्यावरणविद रवि चोपड़ा, अधिवक्ता अरुण भदौरिया और हिंदू क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव चौधरी आदि के आग्रह पर गोपालदास ने जल तो ग्रहण कर लिया, लेकिन गंगा की अविरलता की मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात कही।

गोपालदास के अनशन की सूचना मिलते ही जिला और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खुफिया विभाग ने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी तो अधिकारी संत गोपालदास के अनशन को समाप्त कराने के तरीके तलाशते नजर आए।

24 जून से अनशन पर बैठ गए

मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया कि संत गोपालदास अब यहीं अनशन करेंगे। गोपालदास के साथ आए गंगा आह्वान के संयोजक हेमंत ध्यानी ने बताया कि गोपालदास वर्ष 2011 में स्वामी निगमांनद के बलिदान से पहले मातृसदन में ही काफी समय तक रहे।

उस समय उन्होंने स्वामी निगमानंद की काफी सेवा की थी। स्वामी निगमानंद के बलिदान से ही उन्हें गंगा और पर्यावरण के प्रति कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिली। बाद में वे गुहाना हरियाणा चले गए जहां उन्होंने गौचरान की भूमि बचाने को बड़ा आंदोलन चलाया।

बीते जून में उत्तराखंड की यात्रा पर आने के दौरान उन्होंने हिमालय में तबाही का मंजर देखा तो हिमालय और गंगा को बचाने के लिए 24 जून से अनशन पर बैठ गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed