बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाली लड़की पर आया पति का दिल तो नेत्री बीवी ने लिया 'खूनी इंतकाम'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरोप है कि बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाली लड़की पर एक नेत्री के पति का दिल आ गया था। इस बात को लेकर कई बार नेत्री और लड़की के परिवार के बीच विवाद हुआ, लेकिन इस विवाद का अंत बेहद खौफनाक निकला।
उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर के दिनेशपुर थाना क्षेत्र में कालीनगर निवासी युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली, जबकि उसकी मां ने फिनायल पी लिया।
उसे गंभीर हालत में सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र की एक महिला जनप्रतिनिधि के उत्पीड़न से तंग होकर उन्होंने जानलेवा कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
इस मामले में गुरुवार को चंपा की बेटी ललिता द्वारा जिला पंचायत सदस्य मीना बिस्वास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं अस्पताल से उपचार के बाद घर लौटी चंपा ने अपनी ही बेटी के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। चंपा के अनुसार ललिता के मीना बिस्वास के पति त्रिनाथ बिस्वास के साथ अवैध संबंध थे।
कुछ समय पहले की बेटी की लगी थी बैंक में नौकरी
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से बागेश्वर के दोनाई गांव की रहने वाली 45 वर्षीय चंपा बोरा अपनी बेटी ललिता, बेटे मुकेश (19) और कमल के साथ चार साल से दिनेशपुर के कालीनगर में रहती है।
बताया जा रहा है कि चंपा के पति गिरीश चंद्र हरियाणा पुलिस में तैनात थे, चार साल पहले उनकी मौत हो गई थी। गिरीश ने ही कालीनगर में मकान बनवाया था। पति की मौत के बाद चंपा अपने बच्चों के साथ उस मकान में रहती थी।
कुछ समय पूर्व ही चंपा की बेटी ललिता की रुद्रपुर स्थित कोऑपरेटिव बैंक में नौकरी लगी थी और बेटा मुकेश भी एक निजी स्कूल में पढ़ाने लगा था। बुधवार शाम चंपा और उसका बेटा मुकेश घर पर ही थे, जबकि बेटी ललिता बैंक गई थी और कमल घर से बाहर था।
मौसी ने लगाया महिला जनप्रतिनिधि पर आरोप
मौसी की सूचना पर आसपास के लोग मुकेश और चंपा को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए, जहां जांच के बाद डाक्टरों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया। चंपा की हालत गंभीर होने पर उसे हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। इधर, ललिता ने क्षेत्र की एक महिला जनप्रतिनिधि पर परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। फिलहाल दिनेशपुर थाना पुलिस ललिता से मामले की पूछताछ कर रही है।
उधर इस मामले को लेकर थानाध्यक्ष डीआर वर्मा का कहना है कि चंपा की बेटी का महिला जनप्रतिनिधि के पति के साथ प्रेम प्रसंग था, जिसे महिला जनप्रतिनिधि पसंद नहीं करती थी। इस बात को लेकर कई बार युवती और महिला जनप्रतिनिधि के बीच विवाद भी हुआ और मंगलवार को दोनों के बीच मारपीट भी हुई।
महिला जनप्रतिनिधि की भूमिका संदिग्ध
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे कालीनगर के लोगों का कहना था कि महिला जनप्रतिनिधि के पति का युवती से प्रेम प्रसंग था, जिसे महिला जनप्रतिनिधि पसंद नहीं करती थी। इस बात को लेकर महिला जनप्रतिनिधि की कई बार चंपा के परिवार से बहस भी होती थी।
बुधवार को भी महिला जनप्रतिनिधि और चंपा के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उसके बाद चंपा और उसके बेटे ने आत्महत्या का कदम उठाया।
जनप्रतिनिधि के घर आती थी युवती
दो दिन पूर्व हुई थी मारपीट
कालीनगर आत्महत्या प्रकरण में महिला जनप्रतिनिधि मंगलवार को चंपा के घर में उसकी बेटी ललिता को समझाने आई थी इस दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया और महिला जनप्रतिनिधि के भाई और कुछ परिजनों ने ललिता के साथ मारपीट कर दी। मारपीट से खिन्न होकर ललिता ने अपनी मां से कहा कि वह महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ थाने में तहरीर देने जाएगी।
बुधवार को जब वह थाने जाने की तैयारी करने लगी तो उसकी मां चंपा और भाई मुकेश ने उसे तहरीर देने से मना किया। इस पर ललिता की अपनी मां और भाई से बहस हो गई और ललिता के थाने के लिए निकलने के बाद चंपा ने जहर खा लिया और मुकेश ने फांसी लगा ली।