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हर्षवर्धन का वादा, एम्स तक पहुंचाएंगे आयुर्वेद
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 04 Aug 2014 01:31 AM IST
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आयुर्वेद की महानता को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) स्वीकार कर चुका है। दुनिया योग और आयुर्वेद के महत्व को समझ चुकी है।
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वह दिन दूर नहीं जब आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से विश्व का प्रत्येक नागरिक लाभान्वित होगा।
जड़ी-बूटी उद्यान का उद्घाटन
पतंजलि योगपीठ में ‘पतंजलि जड़ी-बूटी उद्यान एवं संग्रहालय’ का शिलान्यास करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से हिमालय और दुर्लभ जड़ी-बूटियों का संरक्षण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का यह स्थान भविष्य में ‘नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर मॉर्डनाइज्ड प्रमोशन ऑफ आयुर्वेदा’ बन जाए तो आश्चर्य नहीं।
एम्स में भी आयुर्वेद काउंटर बनेंगे
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद को एम्स से भी जोड़ा जाएगा। देश के सभी एम्स संस्थानों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का परिचय अलग काउंटर पर कराया जाएगा। आयुर्वेद और एलोपैथी का मिश्रण कर उन रोगों का इलाज भी संभव हो सकता है, जो असाध्य हैं।
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पतंजलि के कार्यों को बढ़ाएगी सरकार
स्वामी रामदेव ने कहा कि पिछली सरकारों ने स्वास्थ्य मंत्रालय को एलोपैथी मंत्रालय बना डाला था। पुरखों की विरासत के प्रति कोई रुचि नहीं थी। अब नई सरकार पतंजलि के कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि मनुष्य की पहचान आयुर्वेद में निहित है। यह पद्धति प्रकृति, सृष्टि और मानव से जुड़ी हुई है। प्राचीन परंपराओं की संवाहक आयुर्वेद पद्धति को विस्तार देने की आवश्यकता है।
प्रकल्प देख हैरान हुए
केंद्रीय मंत्री पतंजलि के विभिन्न प्रकल्पों का अवलोकन कर आश्चर्य में डूब गए। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने दुनिया के करोड़ों लोगों को योग और आयुर्वेद के माध्यम से सस्ती सेवाएं प्रदान की। सरकार इन सेवाओं को संरक्षण प्रदान करेगी।