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Dehradun News: ओपीडी, इमरजेंसी भवन का नहीं हुआ हस्तांतरण
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Iदून अस्पताल की ओपीडी भवन का संचालन 2019 में हो गया था शुरूI
दून अस्पताल के ओपीडी भवन और ओटी, इमरजेंसी भवन का संचालन शुरू हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इन भवनों का हस्तांतरण (हैंडओवर) नहीं हो पाया है। निर्माणदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की ओर से भवनों का निर्माण किया गया है। अस्पताल प्रशासन को भवन हस्तांतरण नहीं होने से यहां कोई हादसा होता है या घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? यह बड़ा सवाल है।
दून अस्पताल के ओपीडी भवन का संचालन 2019 में शुरू हो गया था और ओटी, इमरजेंसी भवन का संचालन 2022 में शुरू हुआ, लेकिन निर्माणदायी संस्था कार्य पूरे न होने का हवाला देकर भवन का हैंडओवर नहीं कर रही है। अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं। चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं, पीड़ित जब शिकायत करने जाता है और सीसीटीवी कैमरे दिखाने की बात करता है तो पता चलता है कि सीसीटीवी कैमरे चल ही नहीं रहे। एसी और लिफ्ट भी खराब रहते हैं। ऐसे में समस्याओं का निस्तारण अस्पताल प्रशासन अपने स्तर से नहीं करवा पाता और निर्माणदायी संस्था की ओर रुख करना पड़ता है।
Iप्राचार्य के निर्देशन में भवनों के हैंडओवर के लिए निर्माणदायी संस्था को पत्र लिखा जा रहा है। इसमें भवनों को जल्द हैंडओवर करने के लिए कहा जा रहा है। - डॉ. अनुराग अग्रवाल, एमएस, दून अस्पतालI
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दून अस्पताल के ओपीडी भवन और ओटी, इमरजेंसी भवन का संचालन शुरू हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इन भवनों का हस्तांतरण (हैंडओवर) नहीं हो पाया है। निर्माणदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की ओर से भवनों का निर्माण किया गया है। अस्पताल प्रशासन को भवन हस्तांतरण नहीं होने से यहां कोई हादसा होता है या घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? यह बड़ा सवाल है।
दून अस्पताल के ओपीडी भवन का संचालन 2019 में शुरू हो गया था और ओटी, इमरजेंसी भवन का संचालन 2022 में शुरू हुआ, लेकिन निर्माणदायी संस्था कार्य पूरे न होने का हवाला देकर भवन का हैंडओवर नहीं कर रही है। अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं। चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं, पीड़ित जब शिकायत करने जाता है और सीसीटीवी कैमरे दिखाने की बात करता है तो पता चलता है कि सीसीटीवी कैमरे चल ही नहीं रहे। एसी और लिफ्ट भी खराब रहते हैं। ऐसे में समस्याओं का निस्तारण अस्पताल प्रशासन अपने स्तर से नहीं करवा पाता और निर्माणदायी संस्था की ओर रुख करना पड़ता है।
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Iप्राचार्य के निर्देशन में भवनों के हैंडओवर के लिए निर्माणदायी संस्था को पत्र लिखा जा रहा है। इसमें भवनों को जल्द हैंडओवर करने के लिए कहा जा रहा है। - डॉ. अनुराग अग्रवाल, एमएस, दून अस्पतालI
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