फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

Mon, 24 Dec 2018 01:59 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 01:59 AM IST
विज्ञापन
राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को कठोर सजा दिलाने और 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने सहित सात सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के राज्य आंदोलनकारी संगठनों के सदस्य रविवार सुबह 10 बजे गांधी पार्क में जुटे। इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मोर्चा खोलने की चेतावनी दी।

राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संगठन के बैनर तले गांधी पार्क में जुटे आंदोलनकारियों में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष आंदोलनकारी शामिल रहे। गांधी पार्क के मुख्य गेट के बाहर हुई सभा के दौरान आंदोलनकारियों ने मांगों के लिए नारेबाजी की। सभा के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी, सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह और प्रदीप कुकरेती सहित कई राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा कर रही है। सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का कार्यालय तक बंद करा दिया। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के हितों को किसी भी कीमत पर तोड़ने नहीं दिया जाएगा। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में सरकार की पैरवी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय में सही तरीके से पैरवी नहीं कर सकी। गांधी पार्क में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, ओमी उनियाल, वेद प्रकाश शर्मा, जेपी पांडे, जय प्रकाश उत्तराखंडी, सुशीला ध्यानी, ज्ञान देवी कुंडलिया, सावित्री देवी, सुलोचना भट्ट, द्वारिका बिष्ट, प्रभा नैथानी, पूरण जुयाल, सतीश कुमार, रामलाल खंडूरी, विनोद असवाल, प्रमिला रावत, बलबीर सिंह, वीर सिंह रावत, यशवंत रावत, विनोद चमोली, संगीता रावत, शकुंतला भट्ट सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन


ये हैं प्रमुख मांगें
-मुफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिलाई जाए।
-शहीदों को न्याय दिलाने को ठोस कदम उठाए जाएं।
-राज्य आंदोलनकारी चंदा जुटाकर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में स्वयं लड़ने को मजबूर हैं।
-सरकार पैरवी के लिए ठोस वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करे।
-चिह्नीकरण और तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। लोकायुक्त कानून का शीघ्र गठन हो।
-परिसीमन के बाद सीटों में आए असंतुलन को दुरुस्त किया जाए।
-गैरसैंण को अविलंब उत्तराखंड की स्थाई और पूर्णकालिक राजधानी घोषित किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed