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छह लाख का लोन स्वीकृत कर हड़पे
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
डालनवाला कोतवाली में एक एनजीओ संचालिका के खिलाफ पशुपालन लोन के बहाने बैंक से छह लाख रुपये का लोन निकालकर हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक बीना चौहान निवासी एमडीडीए कालोनी डालनवाला ने मुकदमा दर्ज कराया है। बीना चौहान का आरोप है कि लक्ष्मी तिवारी निवासी एमडीडीए कालोनी निर्बल वर्ग महिला बाल विकास उत्थान समिति नाम से एनजीओ चलाती हैं। लक्ष्मी तिवारी ने केनरा बैंक से पशुपालन के नाम पर लोन दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके लिए उसने छह लोगों का ग्रुप बनाने की बात कही।
बीना चौहान के मुताबिक लक्ष्मी के कहने पर उसने अन्य पांच महिलाओं को मिलाकर वैष्णवी संयुक्त देवता समूह बनाया। समूह सदस्यों ने दिसंबर 2014 को लक्ष्मी तिवारी के साथ केनरा बैंक जाकर पशुपालन लोन का फार्म भरा। सदस्यों से हस्ताक्षर कराए गए। वर्ष 2015 में लक्ष्मी तिवारी ने केनरा बैंक से छह लाख रुपये का लोन पास कराया। लोन की रकम शुभम कुमार त्यागी के खाते में जमा करवा दी। शुभम त्यागी भी लक्ष्मी तिवारी के साथ रहता था। समूह सदस्यों ने जब छह लाख की धनराशि मांगी तो लक्ष्मी तिवारी ने बताया कि बैंक ने उक्त राशि वापस ले ली है। बीना चौहान के मुताबिक लक्ष्मी तिवारी ने आज तक समूह सदस्यों को धनराशि नहीं दी और न ही बैंक में जमा कराई। बीना की तहरीर पर पुलिस ने लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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डालनवाला कोतवाली में एक एनजीओ संचालिका के खिलाफ पशुपालन लोन के बहाने बैंक से छह लाख रुपये का लोन निकालकर हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक बीना चौहान निवासी एमडीडीए कालोनी डालनवाला ने मुकदमा दर्ज कराया है। बीना चौहान का आरोप है कि लक्ष्मी तिवारी निवासी एमडीडीए कालोनी निर्बल वर्ग महिला बाल विकास उत्थान समिति नाम से एनजीओ चलाती हैं। लक्ष्मी तिवारी ने केनरा बैंक से पशुपालन के नाम पर लोन दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके लिए उसने छह लोगों का ग्रुप बनाने की बात कही।
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बीना चौहान के मुताबिक लक्ष्मी के कहने पर उसने अन्य पांच महिलाओं को मिलाकर वैष्णवी संयुक्त देवता समूह बनाया। समूह सदस्यों ने दिसंबर 2014 को लक्ष्मी तिवारी के साथ केनरा बैंक जाकर पशुपालन लोन का फार्म भरा। सदस्यों से हस्ताक्षर कराए गए। वर्ष 2015 में लक्ष्मी तिवारी ने केनरा बैंक से छह लाख रुपये का लोन पास कराया। लोन की रकम शुभम कुमार त्यागी के खाते में जमा करवा दी। शुभम त्यागी भी लक्ष्मी तिवारी के साथ रहता था। समूह सदस्यों ने जब छह लाख की धनराशि मांगी तो लक्ष्मी तिवारी ने बताया कि बैंक ने उक्त राशि वापस ले ली है। बीना चौहान के मुताबिक लक्ष्मी तिवारी ने आज तक समूह सदस्यों को धनराशि नहीं दी और न ही बैंक में जमा कराई। बीना की तहरीर पर पुलिस ने लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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