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शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को करेंगे सांझा
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:05 AM IST
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शोध और शैक्षणिक गतिविधियां करेंगे साझा
-- एम्स ऋषिकेश और पतंजलि योगपीठ में हुआ करार
-- आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की भी होगी कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अब पतंजलि विश्वविद्यालय के साथ आयुष विभाग से जुड़े शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को साझा करेगा। इस बाबत विश्वविद्यालय के साथ शोध और शैक्षणिक गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए एम्स ने करार किया है। इस दौरान एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने कहा कि आयुर्वेद पर रिसर्च में सहयोग करके वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे आयुर्वेद को विश्व स्तर पर वैज्ञानिक प्रमाण मिल सकें।
मंगलवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय आयुष मिशन की पहल को आगे बढ़ाने के तहत आयोजित कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर एम्स की ओर से निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत और पतंजलि विवि से आचार्य बालकृष्ण ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने दोनों संस्थानों के माध्यम से प्रदेेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर उन्हें लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। कहा कि एम्स ऋषिकेश और पतंजलि योगपीठ जैसे दो संस्थान मिलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करें, तो ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की जा सकती है, जिससे उत्तराखंड के लोगों को लाभ मिलेगा। कहा कि इस प्रकार का समन्वय पूरे देश के लिए रॉल मॉडल भी साबित हो सकता है।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि संस्थान के आयुष विभाग में आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी पद्घति कार्यरत है। करार में दोनों संस्थान रिसर्च के क्षेत्र में एक-दूसरे के छात्रों को सहयोग प्रदान करेंगे। शोध के विषयों पर आपसी सहमति बनाकर उसके परिणामों को लेक्चर, कार्यशाला, हेल्थ हाइजीन और योग के क्षेत्र में साझा करेंगे। मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव, पतंजलि विवि के कुलपति डा. वचस्वी गुणवंत, एम्स से आयुष विभाग की अध्यक्ष वर्तिका सक्सेना, डा. मीनाक्षी, अंविता सिंह आदि मौजूद थे।
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-- एम्स ऋषिकेश और पतंजलि योगपीठ में हुआ करार
-- आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की भी होगी कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अब पतंजलि विश्वविद्यालय के साथ आयुष विभाग से जुड़े शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को साझा करेगा। इस बाबत विश्वविद्यालय के साथ शोध और शैक्षणिक गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए एम्स ने करार किया है। इस दौरान एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने कहा कि आयुर्वेद पर रिसर्च में सहयोग करके वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे आयुर्वेद को विश्व स्तर पर वैज्ञानिक प्रमाण मिल सकें।
मंगलवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय आयुष मिशन की पहल को आगे बढ़ाने के तहत आयोजित कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर एम्स की ओर से निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत और पतंजलि विवि से आचार्य बालकृष्ण ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने दोनों संस्थानों के माध्यम से प्रदेेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर उन्हें लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। कहा कि एम्स ऋषिकेश और पतंजलि योगपीठ जैसे दो संस्थान मिलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करें, तो ऐसी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की जा सकती है, जिससे उत्तराखंड के लोगों को लाभ मिलेगा। कहा कि इस प्रकार का समन्वय पूरे देश के लिए रॉल मॉडल भी साबित हो सकता है।
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एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि संस्थान के आयुष विभाग में आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी पद्घति कार्यरत है। करार में दोनों संस्थान रिसर्च के क्षेत्र में एक-दूसरे के छात्रों को सहयोग प्रदान करेंगे। शोध के विषयों पर आपसी सहमति बनाकर उसके परिणामों को लेक्चर, कार्यशाला, हेल्थ हाइजीन और योग के क्षेत्र में साझा करेंगे। मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव, पतंजलि विवि के कुलपति डा. वचस्वी गुणवंत, एम्स से आयुष विभाग की अध्यक्ष वर्तिका सक्सेना, डा. मीनाक्षी, अंविता सिंह आदि मौजूद थे।
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