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अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सरकारी स्कूल
Updated Fri, 22 Jun 2018 01:39 AM IST
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अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सरकारी स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूल अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। पहले चरण में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के उन विद्यालयों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जहां अभी बिजली नहीं है। साथ ही विद्यालयों में घरेलू दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी बनाया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित समीक्षा बैठक में इस पर सहमति बनी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आलोक शेखर तिवारी ने कहा कि राज्य के करीब तीन हजार विद्यालयों में अभी विद्युत कनेक्शन नहीं है। इसमें ज्यादा दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालय शामिल हैं। वहीं कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिन पर विद्युत निगम का अधिक बकाया है। निगम ने ऐसे काफी स्कूलों का कनेक्शन भी काट दिया है।
उन्होंने बताया कि बिजली विहीन क्षेत्रों को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से रोशन किया जा रहा है। उरेडा ने प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय भवनों व शिक्षा विभाग के कार्यालयों की छत पर एक केवी से दस केवी तक सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि अभी सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूल अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। पहले चरण में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के उन विद्यालयों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जहां अभी बिजली नहीं है। साथ ही विद्यालयों में घरेलू दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी बनाया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित समीक्षा बैठक में इस पर सहमति बनी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आलोक शेखर तिवारी ने कहा कि राज्य के करीब तीन हजार विद्यालयों में अभी विद्युत कनेक्शन नहीं है। इसमें ज्यादा दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालय शामिल हैं। वहीं कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिन पर विद्युत निगम का अधिक बकाया है। निगम ने ऐसे काफी स्कूलों का कनेक्शन भी काट दिया है।
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उन्होंने बताया कि बिजली विहीन क्षेत्रों को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से रोशन किया जा रहा है। उरेडा ने प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय भवनों व शिक्षा विभाग के कार्यालयों की छत पर एक केवी से दस केवी तक सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि अभी सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
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