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बालिका निकेतन में अव्यवस्थाएं देख भड़कीं बाल आयोग अध्यक्ष
Updated Thu, 31 May 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिशु एवं बालिका निकेतन में साफ-सफाई समेत कई अव्यवस्थाएं देख उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने कड़ी फटकार लगाई है। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी बुधवार को शिशु एवं बालिका निकेतन पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान गंदी बोतल में बच्चों को दूध पीते मिले। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के रोज नहीं नहलाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने देखरेख में लगी कर्मचारी को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने झारखंड की दो बालिकाओं को उनके घर भेजवाने के लिए परिजनों से संपर्क की बात कही। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के परिजनों से संपर्क नहीं होने की स्थिति में सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी के बारे में आयोग को जानकारी दी जाए। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बालिकाओं को योग सिखाने और रुचिकर तरीके से पढ़ाई कराने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, आयोग की सदस्य शारदा त्रिपाठी मौजूद रहीं।
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छह बालिकाओं ने जताई पढ़ाई की इच्छा
निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने बालिकाओं से बातचीत की। जिसमें छह बालिकाओं ने पढ़ाई की इच्छा जताई है। इस पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट से बालिकाओं की सूची बनाकर इसी सत्र से विद्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मौजूदा समय पर बालिका निकेतन में करीब 20 छात्राएं हैं, जिनमें से आठ छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं।
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शिशु एवं बालिका निकेतन में साफ-सफाई समेत कई अव्यवस्थाएं देख उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने कड़ी फटकार लगाई है। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी बुधवार को शिशु एवं बालिका निकेतन पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान गंदी बोतल में बच्चों को दूध पीते मिले। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के रोज नहीं नहलाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने देखरेख में लगी कर्मचारी को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने झारखंड की दो बालिकाओं को उनके घर भेजवाने के लिए परिजनों से संपर्क की बात कही। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के परिजनों से संपर्क नहीं होने की स्थिति में सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी के बारे में आयोग को जानकारी दी जाए। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बालिकाओं को योग सिखाने और रुचिकर तरीके से पढ़ाई कराने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, आयोग की सदस्य शारदा त्रिपाठी मौजूद रहीं।
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छह बालिकाओं ने जताई पढ़ाई की इच्छा
निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने बालिकाओं से बातचीत की। जिसमें छह बालिकाओं ने पढ़ाई की इच्छा जताई है। इस पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट से बालिकाओं की सूची बनाकर इसी सत्र से विद्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मौजूदा समय पर बालिका निकेतन में करीब 20 छात्राएं हैं, जिनमें से आठ छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं।
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