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सुविधाओं का पता नहीं, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
सीमा विस्तार के बाद नगर निकायों में शामिल ग्रामीणों को हाउस टैक्स के बोझ का डर सताने लगा है। प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में शामिल होने वाले गांवों को दस साल तक हाउस टैक्स फ्री करने का आश्वासन दिया था। अप्रैल में नगर निकायों के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। निकायों में शामिल ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा होने लगे हैं, लेकिन हाउस टैक्स फ्री करने का जीओ अभी तक जारी नहीं हो सका है। आचार संहिता लागू होने से पहले जीओ जारी नहीं हुआ तो मामला लटक सकता है।
नगर निकायों के सीमा विस्तार का प्रदेश भर में पुरजोर विरोध हुआ। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने धरने-प्रदर्शन किए। विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रदेश सरकार को नगर निकायों में शामिल होने वाले गांवों को 10 साल तक हाउस टैक्स से मुक्त रखने का आश्वासन देना पड़ा। इसके बाद ही आंदोलन थमा और सीमा विस्तार की प्रक्रिया पूरी हुई। सरकार ने नगर निकायों में शामिल गांवों की पंचायतों के अधिकार छीनकर जनप्रतिनिधियों के बस्ते जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी है। देहरादून नगर निगम के सीमा विस्तार की अंतिम अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। देहरादून में 72 गांव नगर निगम में शामिल होने के बाद वार्ड संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई है।
हाउस टैक्स फ्री करने का जीओ अभी तक जारी नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निगम में शामिल होने के बाद सुविधाएं कब मिलेंगी, इसका पता नहीं। हाउस टैक्स का आर्थिक बोझ प्रत्यक्ष रूप से जेब पर पड़ेगा। ग्रामीण वीरू बिष्ट के मुताबिक हाउस टैक्स के अलावा भी पानी और बिजली कनेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। ग्रामीण इलाकों में अभी तक अधिकतम जलमूल्य 880 रुपये वसूला जाता है। शहरी क्षेत्र में मकान में टोंटी के आधार पर शुल्क लागू होगा। पानी का कनेक्शन 4300 रुपये से बढ़कर 7300 रुपये और बिजली कनेक्शन 6500 रुपये से बढ़कर 9300 रुपये हो जाएगा। दुकानों पर कामर्शियल टैक्स लागू होगा। फड़ एवं ठेली वालों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता हो जाएगी।
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कोट::
नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व सरकार हाउस टैक्स फ्री करने को जीओ जारी कर देगी। नगर निकायों में शामिल ग्रामीण इलाकों को हाउस टैक्स में कितने सालों की छूट दी जाए, इसको लेकर मंथन होना है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री
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शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन
आरकेडिया की पूर्व उप प्रधान गीता बिष्ट ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन सौंपा है। गीता बिष्ट ने कहा कि निगम में शामिल गांवों में अधिकांश आबादी गरीब, अनुसूचित, पिछड़ी जाति एवं पूर्व सैनिक परिवारों से जुड़े हैं। ग्रामीणों को हाउस टैक्स में छूट का जीओ तत्काल जारी किया जाए।
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सीमा विस्तार के बाद नगर निकायों में शामिल ग्रामीणों को हाउस टैक्स के बोझ का डर सताने लगा है। प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में शामिल होने वाले गांवों को दस साल तक हाउस टैक्स फ्री करने का आश्वासन दिया था। अप्रैल में नगर निकायों के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। निकायों में शामिल ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा होने लगे हैं, लेकिन हाउस टैक्स फ्री करने का जीओ अभी तक जारी नहीं हो सका है। आचार संहिता लागू होने से पहले जीओ जारी नहीं हुआ तो मामला लटक सकता है।
नगर निकायों के सीमा विस्तार का प्रदेश भर में पुरजोर विरोध हुआ। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने धरने-प्रदर्शन किए। विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रदेश सरकार को नगर निकायों में शामिल होने वाले गांवों को 10 साल तक हाउस टैक्स से मुक्त रखने का आश्वासन देना पड़ा। इसके बाद ही आंदोलन थमा और सीमा विस्तार की प्रक्रिया पूरी हुई। सरकार ने नगर निकायों में शामिल गांवों की पंचायतों के अधिकार छीनकर जनप्रतिनिधियों के बस्ते जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी है। देहरादून नगर निगम के सीमा विस्तार की अंतिम अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। देहरादून में 72 गांव नगर निगम में शामिल होने के बाद वार्ड संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई है।
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हाउस टैक्स फ्री करने का जीओ अभी तक जारी नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निगम में शामिल होने के बाद सुविधाएं कब मिलेंगी, इसका पता नहीं। हाउस टैक्स का आर्थिक बोझ प्रत्यक्ष रूप से जेब पर पड़ेगा। ग्रामीण वीरू बिष्ट के मुताबिक हाउस टैक्स के अलावा भी पानी और बिजली कनेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। ग्रामीण इलाकों में अभी तक अधिकतम जलमूल्य 880 रुपये वसूला जाता है। शहरी क्षेत्र में मकान में टोंटी के आधार पर शुल्क लागू होगा। पानी का कनेक्शन 4300 रुपये से बढ़कर 7300 रुपये और बिजली कनेक्शन 6500 रुपये से बढ़कर 9300 रुपये हो जाएगा। दुकानों पर कामर्शियल टैक्स लागू होगा। फड़ एवं ठेली वालों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता हो जाएगी।
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कोट::
नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व सरकार हाउस टैक्स फ्री करने को जीओ जारी कर देगी। नगर निकायों में शामिल ग्रामीण इलाकों को हाउस टैक्स में कितने सालों की छूट दी जाए, इसको लेकर मंथन होना है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री
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शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन
आरकेडिया की पूर्व उप प्रधान गीता बिष्ट ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन सौंपा है। गीता बिष्ट ने कहा कि निगम में शामिल गांवों में अधिकांश आबादी गरीब, अनुसूचित, पिछड़ी जाति एवं पूर्व सैनिक परिवारों से जुड़े हैं। ग्रामीणों को हाउस टैक्स में छूट का जीओ तत्काल जारी किया जाए।