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निर्माण कार्यों का जायजा लेने ऋषिकेश पहुंचे परियोजना के डीजी
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नमामि गंगे परियोजना प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए नमामि गंगे के डॉयरेक्टर जनरल राजीव रंजन मिश्रा बृहस्पतिवार को टीम के साथ ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य को तय समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। डॉयरेक्टर जरनल ने लक्कड़ घाट श्यामपुर स्थित 26 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की।
यहां प्रोजेक्ट का काम देख रही कंपनी जीडीसीएल एवं ईएमआईटी ज्वाइंट वेंचर के प्रोजेक्ट मैनेजर इंजीनियर बी दत्ता ने बताया कि कंपनी की ओर से निर्माण परियोजना की गुणवत्ता और मानकों को ध्यान में रखते हुए एसटीपी प्लांट तय समय में पूरा कर लिया जाएगा और इसमें मानकों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इस दौरान नमामि गंगे के सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि लक्कड़घाट स्थित निर्माणाधीन परियोजना के एसटीपी में विश्व की श्रेष्ठ एसबीआर तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है। इससे गंदे पानी को शुद्ध करने में मदद मिलेगी और इस पानी को प्रयोग में लाया जा सकेगा। इस दौरान जीडीसीएल के सीईओ प्रवीण जैन, एमआईटी के डॉयरेक्टर अशोक गर्ग, पेयजल संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप भी मौजूद रहे।
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यहां प्रोजेक्ट का काम देख रही कंपनी जीडीसीएल एवं ईएमआईटी ज्वाइंट वेंचर के प्रोजेक्ट मैनेजर इंजीनियर बी दत्ता ने बताया कि कंपनी की ओर से निर्माण परियोजना की गुणवत्ता और मानकों को ध्यान में रखते हुए एसटीपी प्लांट तय समय में पूरा कर लिया जाएगा और इसमें मानकों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इस दौरान नमामि गंगे के सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि लक्कड़घाट स्थित निर्माणाधीन परियोजना के एसटीपी में विश्व की श्रेष्ठ एसबीआर तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है। इससे गंदे पानी को शुद्ध करने में मदद मिलेगी और इस पानी को प्रयोग में लाया जा सकेगा। इस दौरान जीडीसीएल के सीईओ प्रवीण जैन, एमआईटी के डॉयरेक्टर अशोक गर्ग, पेयजल संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप भी मौजूद रहे।
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