{"_id":"59454bcf4f1c1ba4668b4969","slug":"181497713615-uttarkashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोपांग में आईटीबीपी कैंप के सामने जल रहे देवदार के जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोपांग में आईटीबीपी कैंप के सामने जल रहे देवदार के जंगल
Updated Sat, 17 Jun 2017 09:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोपांग में जल रहे देवदार के जंगल
उत्तरकाशी (ब्यूरो)। गंगोत्री में पांडव गुफा के बाद अब कोपांग आईटीबीपी कैंप के सामने भागीरथी के बाएं किनारे का देवदार का जंगल चार दिनों से धू-धूकर जल रहा है। गंगोत्री रुद्रगैरा नदी के पास भी देवदार के जंगल में आग भड़की है। वन विभाग इसे भेड़ बकरी पालकों की करतूत बता रही है।
बीहड़, जंगली रास्तों के कारण यहां पर अभी तक वन विभाग ने जंगल की आग बुझाने के लिए कोई कोशिश नहीं की है। किसी तरह गंगोत्री पांडव गुफा के पास भड़की आग गंगोत्री के साधु संतों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से वन विभाग ने काबू पा लिया, लेकिन कोपांग व रुद्रगैरा की जंगल में अभी भी आग भड़की होने के कारण कीमती देवदार के जंगल जल रहे हैं। डीएफओ संदीप कुमार जंगल में आग लगी होने तथा इसे रिकार्ड करने की बात तो स्वीकारते हैं, लेकिन इसे भेड़ बकरी पालकों की करतूत बता कर सिर्फ सूखी गिरी पड़ी देवदार की लकड़ी व ठूंठ पर भड़की आग बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुग्यालों में चरान के लिए जाने वाले चरवाहों पर नजर रख कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
उत्तरकाशी (ब्यूरो)। गंगोत्री में पांडव गुफा के बाद अब कोपांग आईटीबीपी कैंप के सामने भागीरथी के बाएं किनारे का देवदार का जंगल चार दिनों से धू-धूकर जल रहा है। गंगोत्री रुद्रगैरा नदी के पास भी देवदार के जंगल में आग भड़की है। वन विभाग इसे भेड़ बकरी पालकों की करतूत बता रही है।
बीहड़, जंगली रास्तों के कारण यहां पर अभी तक वन विभाग ने जंगल की आग बुझाने के लिए कोई कोशिश नहीं की है। किसी तरह गंगोत्री पांडव गुफा के पास भड़की आग गंगोत्री के साधु संतों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से वन विभाग ने काबू पा लिया, लेकिन कोपांग व रुद्रगैरा की जंगल में अभी भी आग भड़की होने के कारण कीमती देवदार के जंगल जल रहे हैं। डीएफओ संदीप कुमार जंगल में आग लगी होने तथा इसे रिकार्ड करने की बात तो स्वीकारते हैं, लेकिन इसे भेड़ बकरी पालकों की करतूत बता कर सिर्फ सूखी गिरी पड़ी देवदार की लकड़ी व ठूंठ पर भड़की आग बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुग्यालों में चरान के लिए जाने वाले चरवाहों पर नजर रख कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।
विज्ञापन