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नहीं रहे अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी
Updated Thu, 14 Jun 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी (63) का बीते मंगलवार की रात निधन हो गया। प्रदेश की पहली सरकारी आर्ट गैलरी के निर्माण का श्रेय जोशी को जाता है। जोशी लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे और इन दिनों जयपुर के इटरनल अस्पताल में भर्ती थे। जोशी के निधन की खबर मिलते पर सूबे में शोक की लहर दौड़ गई।
मूलरूप से देहरादून के मनियारवाला (गुुनियालगांव) निवासी सुरेंद्र पाल जोशी इन दिनों परिवार के साथ जयपुर (राजस्थान) में रह रहे थे। चित्रकार जोशी अपने अनूठे कला प्रयोगों के लिए जाने जाते थे। जोशी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। ऋषिकेश से बीए करने के बाद 1980 में लखनऊ के आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स कॉलेज में दाखिला लिया। वर्ष 1988 में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट जयपुर की फाइन आर्ट फैकल्टी में सहायक अध्यापक नियुक्त हो गए। इस दौरान वे आर्ट कंप्टीशन में लगातार प्रतिभाग करते रहे। जोशी को म्यूरल बनाने का शौक था, यही कारण था कि उन्होंने आईओसी दिल्ली, यूनी लिवर मुंबई, शिपिंग कॉरपोरेशन विशाखापट्टनम समेत तमाम स्थानों पर म्यूरल बनाए। वर्ष 1997 में ब्रिटेन से फेलोशिप मिलने के बाद वहां भी उन्होंने म्यूरल पर काफी कार्य किया। वर्ष 2000 के बाद से उन्होंने सिर्फ पेंटिंग पर ध्यान देना शुरू किया और 2008 में वीआरएस ले लिया। इसके बाद उन्होंने कई देशों का भ्रमण किया। पेंटिंग में नए-नए प्रयोग के चलते कई देशों में सम्मानित किए गए। उनके मार्गदर्शन में घंटाघर स्थित एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में प्रदेश का पहला आर्ट म्यूजियम और आर्ट गैलरी बनाई गई थी। इसी गैलरी का करीब छह महीने पहले मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया था। इस गैलरी में उनके द्वारा बनाए गए एक लाख सेफ्टीपिन से बना हेलीकॉप्टर, 70 हजार सेफ्टीपिन से बने हेलमेट के साथ ही सेफ्टीपिन से बने दमाऊ-ढोल रखे हुए हैं। शहर के कई बुद्धिजीवियों के अलावा एमडीडीए के सचिव पीसी दुम्का ने जोशी के निधन पर शोक जताया है। पीसी दुम्का ने कहा कि एक बड़े चित्रकार का इस तरह जाना बेहद दुखद है।
जोशी को मिले ये अवार्ड
एशियन कल्चरल सेंटर फॉर यूनेस्को (जापान), आल इंडिया अवार्ड, राजस्थान ललित कला एकेडमी, फेलोशिप फॉर म्यूरल डिजाइन बाई द ब्रिटिश ऑर्ट्स काउंसिल, नेशनल अवार्ड, ललित कला एकेडमी (नई दिल्ली), राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड (नई दिल्ली), गोल्ड मेडल यूनेस्को आदि।
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फेसबुक पर लोगों ने शोक जताया
प्रख्यात चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी के निधन की खबर मिलने के बाद सूबे प्रतिष्ठित लोगों तथा कला प्रेमियों ने उनके फेसबुक पेज पर शोक जताया। शोक जताने वालों में वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, नंद भारद्वाज, विश्वमोहन भट्ट, विक्रम पुंडीर, अंजनी रेड्डी आदि शामिल हैं।
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उत्तराखंड की लोक संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी (63) का बीते मंगलवार की रात निधन हो गया। प्रदेश की पहली सरकारी आर्ट गैलरी के निर्माण का श्रेय जोशी को जाता है। जोशी लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे और इन दिनों जयपुर के इटरनल अस्पताल में भर्ती थे। जोशी के निधन की खबर मिलते पर सूबे में शोक की लहर दौड़ गई।
मूलरूप से देहरादून के मनियारवाला (गुुनियालगांव) निवासी सुरेंद्र पाल जोशी इन दिनों परिवार के साथ जयपुर (राजस्थान) में रह रहे थे। चित्रकार जोशी अपने अनूठे कला प्रयोगों के लिए जाने जाते थे। जोशी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। ऋषिकेश से बीए करने के बाद 1980 में लखनऊ के आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स कॉलेज में दाखिला लिया। वर्ष 1988 में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट जयपुर की फाइन आर्ट फैकल्टी में सहायक अध्यापक नियुक्त हो गए। इस दौरान वे आर्ट कंप्टीशन में लगातार प्रतिभाग करते रहे। जोशी को म्यूरल बनाने का शौक था, यही कारण था कि उन्होंने आईओसी दिल्ली, यूनी लिवर मुंबई, शिपिंग कॉरपोरेशन विशाखापट्टनम समेत तमाम स्थानों पर म्यूरल बनाए। वर्ष 1997 में ब्रिटेन से फेलोशिप मिलने के बाद वहां भी उन्होंने म्यूरल पर काफी कार्य किया। वर्ष 2000 के बाद से उन्होंने सिर्फ पेंटिंग पर ध्यान देना शुरू किया और 2008 में वीआरएस ले लिया। इसके बाद उन्होंने कई देशों का भ्रमण किया। पेंटिंग में नए-नए प्रयोग के चलते कई देशों में सम्मानित किए गए। उनके मार्गदर्शन में घंटाघर स्थित एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में प्रदेश का पहला आर्ट म्यूजियम और आर्ट गैलरी बनाई गई थी। इसी गैलरी का करीब छह महीने पहले मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया था। इस गैलरी में उनके द्वारा बनाए गए एक लाख सेफ्टीपिन से बना हेलीकॉप्टर, 70 हजार सेफ्टीपिन से बने हेलमेट के साथ ही सेफ्टीपिन से बने दमाऊ-ढोल रखे हुए हैं। शहर के कई बुद्धिजीवियों के अलावा एमडीडीए के सचिव पीसी दुम्का ने जोशी के निधन पर शोक जताया है। पीसी दुम्का ने कहा कि एक बड़े चित्रकार का इस तरह जाना बेहद दुखद है।
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जोशी को मिले ये अवार्ड
एशियन कल्चरल सेंटर फॉर यूनेस्को (जापान), आल इंडिया अवार्ड, राजस्थान ललित कला एकेडमी, फेलोशिप फॉर म्यूरल डिजाइन बाई द ब्रिटिश ऑर्ट्स काउंसिल, नेशनल अवार्ड, ललित कला एकेडमी (नई दिल्ली), राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड (नई दिल्ली), गोल्ड मेडल यूनेस्को आदि।
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फेसबुक पर लोगों ने शोक जताया
प्रख्यात चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी के निधन की खबर मिलने के बाद सूबे प्रतिष्ठित लोगों तथा कला प्रेमियों ने उनके फेसबुक पेज पर शोक जताया। शोक जताने वालों में वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, नंद भारद्वाज, विश्वमोहन भट्ट, विक्रम पुंडीर, अंजनी रेड्डी आदि शामिल हैं।