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किशोरी के अपहरण व दुराचार में सात साल की सजा
Updated Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नाबालिग लड़की का अपहरण और दुराचार करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रमा पांडेय की अदालत ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी ने बताया कि घटना 22 अगस्त 2014 को नेहरू कॉलोनी थाना में दर्ज की गई थी। घटनाक्रम के अनुसार क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 17 वर्षीय पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके लगभग 25 दिन बाद किशोरी को 17 सितंबर 2014 को मंबई के भगत सिंह चौक नंबर एक से बरामद किया गया। इस मामले में अपहरण के आरोप में आसिफ पुत्र साबिर निवासी रंगावाला थाना कीरतपुर बिजनौर को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी देहरादून में ही सैलून चलाता था। दून लौटने पर पीड़ित किशोरी ने पुलिस को बताया कि आसिफ उसे बहला फुसलाकर मुंबई ले गया था और उसके साथ दुराचार किया। इस मामले की सुनवाई केदौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया, जबकि बचाव पक्ष केवल दो गवाह ही अदालत में पेश कर सका। मामले में सोमवार को अदालत ने आसिफ को दोषी ठहराया और कुल सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद आसिफ को जेल भेज दिया गया।
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नाबालिग लड़की का अपहरण और दुराचार करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रमा पांडेय की अदालत ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी ने बताया कि घटना 22 अगस्त 2014 को नेहरू कॉलोनी थाना में दर्ज की गई थी। घटनाक्रम के अनुसार क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 17 वर्षीय पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके लगभग 25 दिन बाद किशोरी को 17 सितंबर 2014 को मंबई के भगत सिंह चौक नंबर एक से बरामद किया गया। इस मामले में अपहरण के आरोप में आसिफ पुत्र साबिर निवासी रंगावाला थाना कीरतपुर बिजनौर को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी देहरादून में ही सैलून चलाता था। दून लौटने पर पीड़ित किशोरी ने पुलिस को बताया कि आसिफ उसे बहला फुसलाकर मुंबई ले गया था और उसके साथ दुराचार किया। इस मामले की सुनवाई केदौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया, जबकि बचाव पक्ष केवल दो गवाह ही अदालत में पेश कर सका। मामले में सोमवार को अदालत ने आसिफ को दोषी ठहराया और कुल सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद आसिफ को जेल भेज दिया गया।
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