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सेलाकुई में नहीं बन रहे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सेलाकुई में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनने से लोगों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को सेलाकुई की निवर्तमान प्रधान रिता शर्मा के साथ ग्रामीणों ने विकासनगर एसडीएम कौस्तुभ मिश्र से मुलाकात की।
निवर्तमान ग्राम प्रधान रिता शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में 30 से 40 लोग ऐसे हैं, जो पिछले एक साल से अपने परिजनों के मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए एक से दूसरे दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। जबकि हर जगह जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। लोगों की परिवार रजिस्टर की नकल भी नहीं निकल पा रही है, जिससे लोगों के तमाम कार्य लटके हुए हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग की कि समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि सेलाकुई नगर पंचायत गठन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। वर्तमान में सेलाकुई न तो नगर पंचायत है न ही ग्राम पंचायत। इससे लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल न बन पाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अग्रिम आदेशों तक पंचायतीराज विभाग के निकटस्थ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को इस कार्य के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि डीएम के आदेश के बाद मैंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर को निर्देशित किया है कि प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेज खंड विकास अधिकारी सहसपुर को सौंप दें। ताकि लोगों के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बन सकें।
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मेरी पत्नी कैला देवी सेलाकुई में एक कंपनी में काम करती थी, छह महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया। मैं पिछले छह महीने से अपनी पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अब तक मुझे उसका मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इससे पत्नी के पीएफ और बीमे का जो भुगतान होना था वह नहीं हो पा रहा है। -मुख लाल निवासी सेलाकुई
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सेलाकुई में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनने से लोगों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को सेलाकुई की निवर्तमान प्रधान रिता शर्मा के साथ ग्रामीणों ने विकासनगर एसडीएम कौस्तुभ मिश्र से मुलाकात की।
निवर्तमान ग्राम प्रधान रिता शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में 30 से 40 लोग ऐसे हैं, जो पिछले एक साल से अपने परिजनों के मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए एक से दूसरे दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। जबकि हर जगह जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। लोगों की परिवार रजिस्टर की नकल भी नहीं निकल पा रही है, जिससे लोगों के तमाम कार्य लटके हुए हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग की कि समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
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एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि सेलाकुई नगर पंचायत गठन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। वर्तमान में सेलाकुई न तो नगर पंचायत है न ही ग्राम पंचायत। इससे लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल न बन पाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अग्रिम आदेशों तक पंचायतीराज विभाग के निकटस्थ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को इस कार्य के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि डीएम के आदेश के बाद मैंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर को निर्देशित किया है कि प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेज खंड विकास अधिकारी सहसपुर को सौंप दें। ताकि लोगों के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बन सकें।
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मेरी पत्नी कैला देवी सेलाकुई में एक कंपनी में काम करती थी, छह महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया। मैं पिछले छह महीने से अपनी पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अब तक मुझे उसका मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इससे पत्नी के पीएफ और बीमे का जो भुगतान होना था वह नहीं हो पा रहा है। -मुख लाल निवासी सेलाकुई